होमक्राइम'अपना नाम वोटर लिस्ट में देखें, आपका पोलिंग बूथ बदल गया है' राजस्थान निकाय चुनाव पर साइबर पुलिस की गाइडलाइन जरूर पढ़ें
क्राइम

'अपना नाम वोटर लिस्ट में देखें, आपका पोलिंग बूथ बदल गया है' राजस्थान निकाय चुनाव पर साइबर पुलिस की गाइडलाइन जरूर पढ़ें

राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों की सुगबुगाहट के बीच साइबर पुलिस ने वोटर लिस्ट, फर्जी 'ओटीपी' और 'क्यूआर कोड' के जरिए होने वाली साइबर ठगी को लेकर एडवाइजरी जारी की है। अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर) वी.के. सिंह ने इस संबंध मे…

Navbharat Times के अनुसार24 अगस्त 2026 को 05:55 pm बजे
'अपना नाम वोटर लिस्ट में देखें, आपका पोलिंग बूथ बदल गया है' राजस्थान निकाय चुनाव पर साइबर पुलिस की गाइडलाइन जरूर पढ़ें

सौजन्य से:- Navbharat Times

राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों की सुगबुगाहट के बीच साइबर पुलिस ने वोटर लिस्ट, फर्जी 'ओटीपी' और 'क्यूआर कोड' के जरिए होने वाली साइबर ठगी को लेकर एडवाइजरी जारी की है। अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर) वी.के. सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किया।

जयपुर: राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के बीच पुलिस ने मतदाताओं, प्रत्याशियों और चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों को साइबर ठगों को लेकर आगाह किया है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठग फर्जी 'वोटर लिंक', 'ओटीपी' और 'क्यूआर कोड' के जरिए ठग सकते हैं। अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर अपराध) वी के सिंह ने बताया कि पुलिस मुख्यालय की साइबर अपराध शाखा ने इस बारे में परामर्श जारी किया है।

'अपना नाम वोटर लिस्ट में देखें', 'आपका पोलिंग बूथ बदल गया है'

सिंह ने कहा कि राज्य में चुनावी सुगबुगाहट के बीच साइबर ठग व्हाटसऐप या एसएमएस के जरिए 'अपना नाम वोटर लिस्ट में देखें', 'आपका पोलिंग बूथ बदल गया है' जैसे संदेश भेजकर फर्जी लिंक भेज सकते हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने और मतदाता सूची अथवा मतदान संबंधी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करने की अपील की है।

'क्यूआर कोड' से भी ठगी हो सकती है

उन्होंने लोगों को आगाह किया कि वे निर्वाचन आयोग का अधिकारी बताकर मतदाता कार्ड अपडेट, सत्यापन अथवा अन्य चुनावी प्रक्रिया के नाम पर फोन करने वाले व्यक्ति को ओटीपी, बैंक विवरण, यूपीआई पिन या अन्य निजी जानकारी साझा नहीं करें। उन्होंने प्रत्याशियों एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं से भी कहा है कि वे विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर अपने सोशल 'अकाउंट' के लिए अतिरिक्त सत्यापन (2एफए) अनिवार्य रूप से सक्रिय रखें। अधिकारियों के अनुसार इस दौरान चुनावी चंदे के नाम पर 'क्यूआर कोड' से भी ठगी हो सकती है। राजस्थान के सभी 309 नगरीय निकायों के चुनाव में दो चरण में नौ सितंबर और 11 सितंबर को मतदान होगा तथा परिणाम 14 सितंबर को आएगा।

लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।

विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।

पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें

कन्वर्सेशन शुरू करें

Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें