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राजस्थान सरकार का अनोखा आदेश चर्चा में, जब स्कूल ही बंद हैं तो शिक्षक डायरी में कैसे लिखेंगे?

राजस्थान के स्कूलों में गर्मी के कारण 28 जून तक छुट्टियां हैं, लेकिन चिकित्सा विभाग की निदेशक ने पत्र जारी कर शिक्षकों से अपील की है कि वे बच्चों की डायरियों में पल्स पोलियो अभियान का संदेश लिखें और प्रार्थना सभा में इसक…

Navbharat Times के अनुसार25 जून 2026 को 10:44 am बजे
राजस्थान सरकार का अनोखा आदेश चर्चा में, जब स्कूल ही बंद हैं तो शिक्षक डायरी में कैसे लिखेंगे?

सौजन्य से:- Navbharat Times

राजस्थान के स्कूलों में गर्मी के कारण 28 जून तक छुट्टियां हैं, लेकिन चिकित्सा विभाग की निदेशक ने पत्र जारी कर शिक्षकों से अपील की है कि वे बच्चों की डायरियों में पल्स पोलियो अभियान का संदेश लिखें और प्रार्थना सभा में इसका प्रचार करें।

जयपुर: इन दिनों शायद प्रदेश के हर नागरिक को पता होगा कि स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां चल रही है। सरकारी और प्राइवेट सभी तरह की स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश है। पहले अवकाश 20 जून तक ही रखा जाना प्रस्तावित था लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 28 जून तक कर दिया गया। इसकी वजह प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी है। शिक्षकों की भी डिमांड थी कि हर वर्ष की भांति 30 जून तक अवकाश रखा जाए। यानी छुट्टियों की जानकारी अमूमन सभी को है।

चिकित्सा विभाग छुट्टियों से अनजान?

हर वर्ष जून में पूरे महीने ग्रीष्मकालीन अवकाश होते हैं। स्कूलों में छुट्टियां होती है। आपको भले ही यह जानकारी होगी लेकिन चिकित्सा विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को शायद इसकी जानकारी नहीं है। तभी तो चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से हैरान करने वाला लेटर जारी कर दिया गया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं आरसीएच की निदेशक डॉ. मधु रतेश्वर ने पल्स पोलियो को लेकर प्रारंभिक शिक्षा निदेशक बीकानेर को पत्र लिखा है।

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को लिखा पत्र

22 जून को आरसीएच चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं की निदेशक डॉ. मधु रतेश्वर ने स्कूल शिक्षा निदेशक को पत्र लिखा है। पत्र में बताया गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो के रोगी पाये जा रहे है, जिसके कारण भारत में पोलियो के पुनः संक्रमण फैलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। भारत को पोलियो मुक्त बनाये रखने हेतु भारत सरकार द्वारा राज्य के सभी जिलों में दिनांक 28 जून 2026 से राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण दिवस आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया है। यह गतिविधि पूर्व की भांति ही आयोजित की जाएगी। इसके तहत 0 से 5 वर्ष तक के समस्त बच्चों को BOPV की 2 बूंद पिलाई जायेगी।

स्कूली शिक्षकों से मदद की अपील

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को जो पत्र लिखा गया है उसमें आग्रह किया गया है कि 28 जून और अगले दो दिन तक अभियान के तहत छोटे बच्चों को पोलियो की दवा पिलानी है। ऐसे में पूर्व की भांति स्कूली शिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी। सरकारी स्कूलों के सभी शिक्षकों को मदद के लिए सहयोग देने का आग्रह किया गया। अब यह समझ से परे है कि 28 जून तक स्कूलों की छुट्टियां हैं तो सरकारी स्कूलों के शिक्षक इस अभियान में सहयोग कैसे कर पाएंगे।

पढ़ें किस तरह का सहयोग मांगा गया

शिक्षकों के द्वारा बच्चों की डायरी में यह संदेश लिखा जाए कि 0-5 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को दिनांक 28 जून 2026 को पोलियो की दवा पिलानी है। अतः ऐसे बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर दवा पिलाने हेतु लाया जाए। (स्कूलों में छुट्टियां हैं तो शिक्षक उनकी डायरी में कैसे लिखेंगे।)

विद्यालय में प्रार्थना सभा में पल्स पोलियो टीकाकरण की आवश्यकता और इसकी तिथि की जानकारी दी जाए।

विद्यालयों द्वारा अभियान का अधिकतम प्रचार-प्रसार किया जाए।

जिन विद्यालयों में पल्स पोलियो के बूथ हैं, उन सभी विद्यालयों को 28 जून 2026 (रविवार) को खुला रखा जाए।

विद्यालय में पोलियो बूथ हेतु समुचित स्थान उपलब्ध करवाया जाए व आवश्यक व्यवस्था करवाई जाए।

शिक्षक, पोलियो टीमों को सहयोग करें तथा छात्र-छात्राओं की बुलावा टोलियों का गठन किया जाए। इन टोलियो द्वारा बूथ दिवस 28 जून 2026 के दिन घर-घर जाकर लक्षित बच्चों को बूथ पर लाने का प्रयास किया जाए।

लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।

राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।

पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत

पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें

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