होम›क्राइम›कन्हैया लाल हत्याकांड के आरोपियों को बड़ा झटका, राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
क्राइम

कन्हैया लाल हत्याकांड के आरोपियों को बड़ा झटका, राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

Sign In Advertisement X राजस्थान में कन्हैया लाल हत्याकांड के पांच आरोपियों को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने NIA केस में जम…

Aaj Tak के अनुसार3 अक्टूबर 2026 को 07:05 pm बजे
कन्हैया लाल हत्याकांड के आरोपियों को बड़ा झटका, राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

सौजन्य से:- Aaj Tak

Sign In

Advertisement

X

राजस्थान में कन्हैया लाल हत्याकांड के पांच आरोपियों को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने NIA केस में जमानत की मांग करने वाले पांचों आरोपियों की अपीलें खारिज कर दी हैं. कोर्ट ने फिलहाल उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया. साथ ही विशेष अदालत के उस फैसले को भी बरकरार रखा है, जिसमें आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज की गई थीं.

यह मामला 28 जून 2022 को उदयपुर में हुई कन्हैया लाल टेलर की हत्या से जुड़ा है. धारदार हथियारों से लैस दो हमलावरों ने उनकी दुकान में घुसकर हत्या कर दी थी. इस हमले में दुकान पर काम करने वाले दो अन्य लोग भी घायल हुए थे. वारदात के बाद हमलावरों ने हत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया था. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, वीडियो के साथ ऐसे बयान भी प्रसारित किए गए, जिनका मकसद धार्मिक आधार पर दुश्मनी फैलाना और देशभर में डर का माहौल बनाना था.

इस मामले की जांच NIA ने की थी. एजेंसी ने 22 दिसंबर 2022 को 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इनमें दो फरार आरोपी भी शामिल थे. मामले में पांच आरोपियों ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी. कोर्ट ने इन अपीलों पर सुनवाई के बाद उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया.

Advertisement

UAPA के नियमों पर कोर्ट ने क्या कहा?

हाईकोर्ट ने जमानत पर फैसला लेते समय गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धारा 43D(5) पर विचार किया. इस धारा के तहत अगर सरकारी पक्ष की ओर से पेश किए गए सबूतों से यह लगता है कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप पहली नजर में सही हैं, तो अदालत उसे जमानत देने से इनकार कर सकती है. सही हैं, तो जमानत देने पर कानूनी रोक लागू हो सकती है.

हालांकि, कोर्ट ने इस कानूनी प्रावधान के साथ संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार पर भी विचार किया. बेंच ने अभियोजन पक्ष की उन दलीलों पर भी गौर किया, जिनमें आरोपियों को बड़ी साजिश से जोड़ने वाली सामग्री का जिक्र किया गया था. कोर्ट ने पाया कि मामले में पेश सामग्री के आधार पर आरोपियों को इस समय जमानत नहीं दी जा सकती. इसी आधार पर पांचों आरोपियों की अपीलें खारिज कर दी गईं.

हाईकोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि NIA अपनी जांच पूरी कर चुकी है और चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप भी तय हो चुके हैं. बेंच के मुताबिक, मामले की सुनवाई आगे बढ़ रही है. अभियोजन पक्ष ने गवाहों की प्रस्तावित सूची भी कम कर दी है. इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी फिलहाल जमानत के हकदार नहीं हैं. अदालत ने पांचों आरोपियों की जमानत अपीलें खारिज करने के साथ ही विशेष अदालत के पुराने आदेशों को बरकरार रखा.

---- समाप्त ----

Latest News in Hindi »

Advertisement

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें