जयपुर खजाना कांड: मजदूर के दावे ने मालक को किया आहत
जयपुर की विद्याधर का रास्ता की एक पुरानी हवेली में कथित खजाना मिलने के मामले में एक मजदूर ने दावा किया है कि वहाँ से खुदाई के दौरान सोने-चांदी के सिक्के मिले थे, लेकिन ठेकेदार ने उन्हें हिस्सा नहीं दिया। हाल ही में हवेली मालिक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
जयपुर खजाना कांड में नया खुलासा: मजदूर बोला- खजाना मिला था, हिस्सा नहीं मिला तो खोली पूरी कहानी
जयपुर की ऐतिहासिक हवेली में कथित खजाना मिलने के मामले में नया मोड़ आया है। मजदूर ने खजाना मिलने का दावा किया। हिस्सा नहीं मिलने पर ठेकेदार के खिलाफ राज खोल दिया।
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विस्तार
त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर का रास्ता की एक पुरानी हवेली में कथित खजाना मिलने के मामले में नया मोड़ आ गया है। हवेली को तोड़ने वाले एक मजदूर ने दावा किया है कि खुदाई के दौरान खजाना मिला था और इसकी जानकारी उसने बाद में हवेली मालिक को भी दी। मजदूर का आरोप है कि ठेकेदार ने उसे सोने-चांदी के 150 सिक्के देने का वादा किया था, लेकिन बाद में मुकर गया। इसके बाद उसने पूरी घटना का खुलासा कर दिया। मामले में हवेली मालिक राहुल सेठी ने माणक चौक थाने में ठेकेदार और उसके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
मजदूर के बयान से खुला मामला
एफआईआर के अनुसार, जर्जर हवेली को गिराने का काम जनवरी 2026 में एक निजी कंपनी को सौंपा गया था। काम शुरू होने से पहले ठेकेदार और मजदूरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि खुदाई या मलबे से यदि कोई कीमती वस्तु मिले तो उसे तुरंत परिवार को सौंपा जाए।
राहुल सेठी का आरोप है कि कई महीने बाद एक मजदूर उनके पास पहुंचा और बताया कि खुदाई के दौरान चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्के और पुराने चांदी के सिक्के मिले थे। मजदूर के मुताबिक ठेकेदार ने उसे हिस्सा देने का वादा किया था, लेकिन बाद में इनकार कर दिया।
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खजाने के बंटवारे का भी दावा
सूत्रों के अनुसार, हवेली मालिकों और तोड़फोड़ का काम करने वाली कंपनी के बीच कथित तौर पर पहले से यह सहमति बनी थी कि यदि खुदाई में कोई खजाना मिलता है तो उसका 67 प्रतिशत हिस्सा मालिकों और 33 प्रतिशत हिस्सा कंपनी को मिलेगा। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
40-45 किलो चांदी और सोने के कलश मिलने का आरोप
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि ठेकेदार और उसके सहयोगियों ने हवेली से मिली कीमती सामग्री मालिकों को बताए बिना आपस में बांट ली। शिकायत में दावा किया गया है कि खुदाई के दौरान करीब 40 से 45 किलोग्राम चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14-15 कलश और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के मिले थे, जिन्हें कथित तौर पर गायब कर दिया गया। इस मामले में ठेकेदार महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू और उसके सहयोगियों अनुज, जगदीश, रजनी, रेहान, सुल्तान तथा पप्पू अजमेरा को नामजद किया गया है।
ऐतिहासिक क्षेत्र में स्थित है हवेली
जिस हवेली में खजाना मिलने का दावा किया गया है, वह जयपुर के ऐतिहासिक विद्याधर का रास्ता क्षेत्र में स्थित है। यह इलाका शहर के प्राचीन और सांस्कृतिक महत्व वाले क्षेत्रों में शामिल है, जहां आज भी कई पुरानी हवेलियां मौजूद हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सेठी परिवार इस क्षेत्र के पुराने प्रतिष्ठित परिवारों में गिना जाता है।
फिलहाल पुलिस एफआईआर के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अब तक खजाना मिलने के दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
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