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सोरों क्यों है खास? राजस्थान से अस्थि विसर्जन करने जा रहे छह लोगों की एक्सिडेंट में गई जान, भगवान वराह की है मोक्षभूमि

Kasganj Accident Six Death News: कासगंज में छह लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गई। सभी मृतक राजस्थान के बताए जा रहे हैं। वे सोरों में अस्थि विसर्जन करने जा रहे थे। कासगंज: उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में सोमवार सुबह एक दु…

Navbharat Times के अनुसार31 अगस्त 2026 को 06:33 pm बजे
सोरों क्यों है खास? राजस्थान से अस्थि विसर्जन करने जा रहे छह लोगों की एक्सिडेंट में गई जान, भगवान वराह की है मोक्षभूमि

सौजन्य से:- Navbharat Times

Kasganj Accident Six Death News: कासगंज में छह लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गई। सभी मृतक राजस्थान के बताए जा रहे हैं। वे सोरों में अस्थि विसर्जन करने जा रहे थे।

कासगंज: उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में सोमवार सुबह एक दुखद सड़क हादसे में राजस्थान के छह लोगों की मौत हो गई। भीषण सड़क हादसे में 20 अन्य लोगों के घायल होने की सूचना है। मामले में सामने आया है कि राजस्थान के करौली जिले से ये लोग अस्थि विसर्जन के लिए सोरों जा रहे थे। वे सभी एक पिकअप सवार थे। सदर कोतवाली इलाके में शिव इंटर कॉलेज के सामने मोहनपुरा के पास उनकी गाड़ी सामने से आ रहे एक ट्रक से टकरा गई। हादसा सुबह करीब 4:30 बजे होने की बात सामने आई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि छह यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में तीन महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं।

सोरों क्यों है खास?

सोरों को सोरों शूकरक्षेत्र के रूप में जाना जाता है। यह कासगंज जिले का एक प्रमुख पौराणिक और ऐतिहासिक तीर्थस्थल है। इस तीर्थस्थल का बड़ा पौराणिक महत्व है। मान्यताओं के अनुसार, इसी स्थल पर भगवान विष्णु ने वराह अवतार लिया था। भगवान वराह ने यहां हिरण्याक्ष राक्षस का वध किया और पृथ्वी का उद्धार किया था। इस कारण इसे मोक्षभूमि के नाम से भी जाना जाता है। यहां दूर-दूर से लोग मृतकों के मोक्ष की कामना लेकर यहां आते हैं और उनकी अस्थियों का विसर्जन करते हैं। राजस्थान के लोग भी इसी तीर्थ में अस्थि विसर्जित करने जा रहे थे।

सोरों भगवान विष्णु के तीसरे अवतार भगवान वराह की मोक्षस्थली और प्रकट होने की भूमि के कारण मान्यता मिली है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यहां भगवान वराह प्रकट हुए। उन्होंने रसातल से पृथ्वी का उद्धार किया। इसी पवित्र भूमि पर अपने वराह रूप का विसर्जन किया। यहां के हरिपदी कुंड को लेकर मान्यता है कि विसर्जित की जाने वाली अस्थियां तीन दिनों के भीतर यहां पूरी तरह से विलीन हो जाती हैं। सोरों को रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली के तौर पर भी जाना जाता है।

20 लोगों के घायल होने की बात

कासगंज की घटना में करीब 20 अन्य लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। इनमें सात बच्चे, छह महिलाएं और सात पुरुष शामिल हैं। इनमें से 9 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें कासगंज जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। बाकी घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। टक्कर की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में मदद की। पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंचीं, क्षतिग्रस्त पिकअप में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।

प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बताया जा रहा है कि टक्कर मारने वाला ट्रक शाहजहांपुर से जयपुर पशुओं का चारा ले जा रहा था। ट्रक के सड़क की गलत साइड पर चलने का दावा किया जा रहा है। पुलिस दोनों गाड़ियों का जब्त कर घटना के कारणों की जांच कर रही है।

लेखक के बारे मेंराहुल पराशरराहुल पराशर नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital Content Producer) हैं। वे नवभारत टाइम्स की यूपी-उत्तराखंड टीम में काम करते हैं। प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 22 साल लंबा का अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। राहुल पराशर ने अक्टूबर 2021 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्होंने पिछले 4 वर्षों में यूपी विधानसभा चुनाव, यूपी निकाय चुनाव, उत्तराखंड विधानसभा चुनाव, यूपी में एसआईआर प्रक्रिया जैसे बड़े घटनाक्रम का विस्तृत कवरेज किया है। राजनीति गतिविधियों से लेकर प्रशासनिक हलचल और क्राइम की घटनाओं पर उनका फोकस रहता है।

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पत्रकारिता अनुभव: अखबार और डिजिटल मीडिया में 22 साल से कार्यरत

राहुल पराशर ने साल 2004 में प्रभात खबर, पटना से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में जूनियर रिपोर्टर से लेकर प्रधान संवाददाता के पद पर काम किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा, राजद, जदयू और लोजपा जैसे दलों को कवर किया। उन्होंने शिक्षा विभाग की लंबे समय तक रिपोर्टिंग की। नवभारत टाइम्स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया है।

शिक्षा:

राहुल पराशर ने वर्ष 2004 में भारतीय विद्या भवन के पीके इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से जर्नलिज्म का कोर्स किया है। मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर से आने वाले राहुल पराशर ने नेतरहाट, झारखंड से स्कूली शिक्षा ग्रहण की। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर से वर्ष 2002 में स्नातक की डिग्री हासिल की है।... और पढ़ें

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