होमक्राइमहाईकोर्ट ने दी जेल में शादी की अनुमति, जोधपुर की ओपन जेल में संपन्न हुआ विवाह
क्राइम

हाईकोर्ट ने दी जेल में शादी की अनुमति, जोधपुर की ओपन जेल में संपन्न हुआ विवाह

राजस्थान हाईकोर्ट ने दो बंदियों को जेल परिसर में विवाह करने की अनुमति दी, जिसके बाद ओपन जेल में एक अनोखे और भावनात्मक पल की गवाह बनी और दोनों ने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की।

Navbharat Times के अनुसार23 जुलाई 2026 को 04:01 am बजे
हाईकोर्ट ने दी जेल में शादी की अनुमति, जोधपुर की ओपन जेल में संपन्न हुआ विवाह

सौजन्य से:- Navbharat Times

Marriage in jail: राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और मानवीय निर्णय सुनाते हुए हत्या के अलग-अलग मामलों में सजा काट रहे दो बंदियों को जेल परिसर में विवाह करने की अनुमति प्रदान की। आज यह विवाह संपन्न हो गया है।

जोधपुर: जोधपुर की मंडोर स्थित ओपन जेल सोमवार को एक अनोखे और भावनात्मक पल की गवाह बनी, जब बंदी मूलाराम और सीमा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। यह विवाह राजस्थान हाईकोर्ट की अनुमति के बाद संपन्न हुआ, जिसने सुधारात्मक न्याय व्यवस्था की मानवीय सोच को एक बार फिर सामने रखा।

ये शादी सामाजिक पुनरुत्थान का बड़ा उदाहरण

यह विवाह इस बात का उदाहरण माना जा रहा है कि सुधारात्मक न्याय व्यवस्था केवल सजा तक सीमित नहीं है, बल्कि बंदियों के पुनर्वास, सामाजिक पुनर्स्थापन और उन्हें सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत का अवसर देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

रिपोर्ट: गिरीश दाधीच

पहुंचे रिश्तेदार, निभाई गई रस्में

विवाह समारोह में दोनों परिवारों के सदस्य, रिश्तेदार और करीबी लोग मौजूद रहे। यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ ये विवाह संपन्न हुआ। सभी रस्में जेल में ही पूरी की गई। इस दौरान नवदंपती को सभी ने सुखद दांपत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।

जेल में मुलाकात, फिर यही शादी

जानकारी के अनुसार, मूलाराम और सीमा की मुलाकात ओपन जेल में कार्य के दौरान हुई थी। समय के साथ दोनों के बीच आपसी विश्वास और स्नेह बढ़ा, जिसके बाद उन्होंने विवाह करने का निर्णय लिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने और हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बाद विवाह का आयोजन किया गया।

लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।

विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।

पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें

कन्वर्सेशन शुरू करें

Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें