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राजस्थान: निकाय चुनाव से पहले ठगी से सावधान, पुलिस की एडवाइजरी जारी

राजस्थान: निकाय चुनाव से पहले ठगी से सावधान, पुलिस की एडवाइजरी जारी राजस्थान में होने वाले निकाय चुनावों से पहले पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को ठगों से सावधान किया है. लोगों से फर्जी वोटर लिंक, OTP, QR कोड शेयर करने…

ABP News के अनुसार25 अगस्त 2026 को 06:55 am बजे
राजस्थान: निकाय चुनाव से पहले ठगी से सावधान, पुलिस की एडवाइजरी जारी

सौजन्य से:- ABP News

राजस्थान: निकाय चुनाव से पहले ठगी से सावधान, पुलिस की एडवाइजरी जारी

राजस्थान में होने वाले निकाय चुनावों से पहले पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को ठगों से सावधान किया है. लोगों से फर्जी वोटर लिंक, OTP, QR कोड शेयर करने या खोलने से मना किया है.

राजस्थान में होने वाले नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर राजस्थान पुलिस ने साइबर ठगी से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है. पुलिस ने मतदाताओं, चुनाव प्रत्याशियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों को साइबर ठगों से सतर्क रहने की अपील की है.

पुलिस के मुताबिक चुनाव के दौरान ठग फर्जी वोटर लिंक, OTP, QR कोड, फिशिंग ई-मेल और सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो के जरिए लोगों को निशाना बना सकते हैं. पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर साइबर क्राइम शाखा ने लोगों को सावधान रहने के लिए यह एडवाइजरी जारी की है. यह एडवाइजरी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) वीके सिंह की तरफ से जारी की गई है.

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वोटर लिस्ट के नाम पर भेजे जा सकते हैं फर्जी लिंक

जयपुर पुलिस के मुताबिक ठग WhatsApp या SMS पर 'वोटर लिस्ट में अपना नाम देखें' या 'आपका पोलिंग बूथ बदल गया है' जैसे मैसेज भेज सकते हैं. इनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करने से बैंक या निजी जानकारी चोरी हो सकती है. वोटर लिस्ट और मतदान से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल करें.

OTP और बैंक डिटेल किसी को न दें

पुलिस ने साफ कहा है कि चुनाव अधिकारी बनकर फोन करने वाला कोई व्यक्ति अगर OTP, बैंक डिटेल, UPI PIN या अन्य निजी जानकारी मांगे तो उसे बिल्कुल न दें. किसी भी अधिकारी या अनजान व्यक्ति के साथ OTP शेयर करना भारी पड़ सकता है.

फर्जी वीडियो और डीपफेक से भी रहें सावधान

चुनाव के दौरान नेताओं के नाम से फर्जी वीडियो, ऑडियो और भाषण सोशल मीडिया पर वायरल किए जा सकते हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी वीडियो या ऑडियो पर भरोसा न करें और उसे आगे फॉरवर्ड भी न करें.

प्रत्याशी और कार्यकर्ता 2FA जरूर लगाएं

चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को Facebook, Instagram, X और WhatsApp जैसे अकाउंट पर Two-Step Verification यानी 2FA चालू रखने की सलाह दी गई है. मजबूत पासवर्ड रखें और अनजान लिंक पर लॉगिन डिटेल न डालें.

QR कोड से पेमेंट करते समय सावधानी

चुनावी चंदे या फंड रेजिंग के नाम पर भेजे गए UPI लिंक और QR कोड को जांचे बिना इस्तेमाल न करें. किसी से पैसा प्राप्त करने के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती. QR कोड स्कैन करने से पहले पूरी जानकारी जांच लें.

चुनाव ड्यूटी वाले कर्मचारी भी रहें अलर्ट

चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारी संवेदनशील चुनावी जानकारी निजी मोबाइल, डिवाइस या Public Wi-Fi पर साझा न करें. अनजान ई-मेल से आए लिंक या अटैचमेंट को भी बिना जांचे न खोलें. WhatsApp ग्रुप एडमिन को भी केवल भरोसेमंद सदस्यों को मैसेज पोस्ट करने की अनुमति देने की सलाह दी गई है.

ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर करें कॉल

अगर साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत करें. इसके अलावा नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत की जा सकती है. राजस्थान पुलिस के साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी सूचना दी जा सकती है. राजस्थान पुलिस ने अपील की है कि चुनाव से जुड़ी किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले उसके स्रोत की जांच जरूर करें. सतर्क मतदाता ही सुरक्षित मतदाता है.

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