प्रसव सखी : सारिका चौधरी ने योजना को नया नाम देने पर उठाए सवाल, कहा- गर्भवती महिलाओं की मौतों पर गंभीर नहीं है सरकार
प्रसव सखी : सारिका चौधरी ने योजना को नया नाम देने पर उठाए सवाल, कहा- गर्भवती महिलाओं की मौतों पर गंभीर नहीं है सरकार राजस्थान महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष ने कहा- गर्भवती महिलाओं को इंसाफ दिलाने की बजाय नाम बदलने में…

सौजन्य से:- ETV Bharat
प्रसव सखी : सारिका चौधरी ने योजना को नया नाम देने पर उठाए सवाल, कहा- गर्भवती महिलाओं की मौतों पर गंभीर नहीं है सरकार
राजस्थान महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष ने कहा- गर्भवती महिलाओं को इंसाफ दिलाने की बजाय नाम बदलने में जुटी है सरकार.
Published : July 23, 2026 at 8:30 PM IST
कुचामनसिटी: राजस्थान सरकार सरकारी अस्पतालों में प्रसव सखी तैनात करने की तैयारी में है. इस कार्यक्रम को प्रसव सखी नाम दिया गया है. प्रसव सखी गर्भवती महिलाओं और हॉस्पिटल के बीच कॉर्डिनेशन का काम करेगी, लेकिन अब इस योजना को लेकर कांग्रेस ने भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है. राजस्थान महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सारिका चौधरी ने कहा कि सरकार गर्भवती महिलाओं की मौतें तो रोक नहीं सकी. इस मामले में संवेदनशीलता दिखाने की बजाय यह सरकार बेमतलब के कार्यक्रमों के जरिए ध्यान भटकाने में जुटी है.
चौधरी ने कहा कि राजस्थान में पिछले एक महीने के अंतराल में 18 प्रस्ताव की मौतें हो चुकी हैं. जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि जो दवाइयां प्रसूताओं को दी गई थी और जिन ऑपरेशन थिएटर में उनका ऑपरेशन हुआ, वहां संक्रमण था. दवाइयां सब स्टैंडर्ड की थीं. इन जांचों के ऊपर कार्रवाई करने की बजाय और इनमें सुधार करने की बजाय सरकार प्रसव सखी के नाम से प्रसूताओं की मौतों पर पर्दा डालने व अपनी जिम्मेदारी से बचने का काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि प्रसव सखी नियुक्त करना अच्छी बात है, लेकिन उससे पहले व्यवस्थाओं में सुधार करना पड़ेगा, लेकिन सरकार सुधार या कार्रवाई की बजाय इसके पीछे सिर्फ लीपा-पोती कर रही है, क्योंकि यही काम काम आशा वर्कर व एएनएम करती रही हैं. चौधरी ने कहा कि ना तो प्रसव सखी की कोई अलग से भर्ती निकाली गई है, ना कोई इनका अलग बजट है, तो फिर कैसे इन्होंने यह नई व्यवस्था कर दी. उन्होंने चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रसूताओं की मौतों पर चिकित्सा मंत्री के जो संवेदनशील बयान आए, वो इस सरकार की असलियत बयान करते हैं.
सारिका चौधरी ने कहा कि प्रसव सखी नाम देकर सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती. प्रदेश की महिलाएं आपसे जवाब चाहती हैं और चिकित्सा सेवाओं का समाधान चाहती हैं. जनता अब जागरूक हो चुकी है और इस सरकार के झांसे में नहीं आने वाली है.
पढ़ें : हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए 'प्रसव सखी' व्यवस्था, पंजीयन, जांच और उपचार तक करेंगी सहयोग
क्या है प्रसव सखी ? : राजस्थान सरकार द्वारा शुरू की गई प्रसव सखी एक संवेदनशील और विशेष स्वास्थ्य पहल है. यह योजना उच्च जोखिम (हाई रिस्क) वाली गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पतालों में भर्ती से लेकर प्रसव और छुट्टी (डिस्चार्ज) तक पूरा सहयोग, मार्गदर्शन और समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई है. सरकारी अस्पतालों में 'पिंक एप्रन' (गुलाबी एप्रन) पहने प्रशिक्षित नर्सिंगकर्मी, एएनएम या महिला स्वास्थ्यकर्मी 'प्रसव सखी' के रूप में तैनात रहेंगी जो अस्पतालों में 24 घंटे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य हेल्प डेस्क काम करेंगे, जो मरीजों और उनके परिजनों के लिए पहला संपर्क केंद्र होंगी. प्रसव सखी गर्भवती महिला की जांच, इलाज, देखभाल और जननी एक्सप्रेस जैसी सेवाओं के बीच तालमेल बिठाकर पूरी प्रक्रिया को आसान बनाएंगी.
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