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Jodhpur Zila Pramukh Election: 11 में से 9 बार कांग्रेस की जीत, BJP की कोशिश जारी

Jodhpur Zila Pramukh Election: 11 में से 9 बार कांग्रेस की जीत, BJP की कोशिश जारी जोधपुर जिला प्रमुख पद के लिए कांग्रेस-भाजपा में शह-मात का खेल शुरू हो गया है. खेत सिंह राठौड़ लगातार 21 साल तक प्रमुख रहे. Published : Oct…

ETV Bharat के अनुसार6 अक्टूबर 2026 को 06:04 am बजे
Jodhpur Zila Pramukh Election: 11 में से 9 बार कांग्रेस की जीत, BJP की कोशिश जारी

सौजन्य से:- ETV Bharat

Jodhpur Zila Pramukh Election: 11 में से 9 बार कांग्रेस की जीत, BJP की कोशिश जारी

जोधपुर जिला प्रमुख पद के लिए कांग्रेस-भाजपा में शह-मात का खेल शुरू हो गया है. खेत सिंह राठौड़ लगातार 21 साल तक प्रमुख रहे.

Published : October 6, 2026 at 11:02 AM IST

|Updated : October 6, 2026 at 11:27 AM IST

जोधपुर: पंचायत चुनाव का ऐलान हो चुका है. दोनों प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस ने अपने अपने प्रयास शुरू कर दिए हैं. भाजपा के लिए जोधपुर का जिला प्रमुख पद चुनौती बना हुआ है. अब तक हुए 11 चुनाव में भाजपा के दो बार ही जिला प्रमुख बन पाए हैं. बाकी समय कांग्रेस का जिला प्रमुख रहा. इसमें भी सबसे बड़ा नाम मदेरणा परिवार का है. 9 बार में से पांच बार मदेरणा परिवार से प्रमुख बना है. पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा की मां लीला मदेरणा ही अभी जिला प्रमुख हैं. परिवार के पास अभी कोई सक्रिय पद नहीं है, ऐसे में इस पद को पुनः प्राप्त करने के लिए मदेरणा परिवार की ओर से भरसक प्रयास होंगे. इधर, भारतीय जनता पार्टी के नेता और किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी दावा है कि इस बार भाजपा का ही जिला प्रमुख बनेगा.

जोधपुर जिला परिषद का गठन वर्ष 1961 में हुआ था. तब से अब तक 11 बार चुनाव हुए हैं, इनमें 2005 में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की अमिता चौधरी जिला प्रमुख चुनी गई थीं, इसके बाद 2015 में भाजपा के पूनाराम चौधरी जिला प्रमुख बने थे. पूनाराम ने बताया कि उनके बाद हुए चुनाव में भाजपा बहुत कम अंतर से पीछे रही थी.

विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को बढ़त: जोधपुर जिले में कुल आठ विधानसभा क्षेत्र हैं. इनमें जोधपुर शहर की तीन को छोड़ दें तो शेष पांच विधानसभा क्षेत्र ग्रामीण इलाके में आते हैं. इनमें कांग्रेस के पास सिर्फ भोपालगढ़ है, बाकी सभी जगह पर भाजपा के विधायक हैं.

भाजपा के लिए परेशानी मदेरणा परिवार: जिला प्रमुख पद पर मदेरणा परिवार से पांच बार प्रमुख बने हैं. इनमें चार बार पूर्व मंत्री स्वर्गीय महिपाल मदेरणा इस पद पर रह चुके हैं, जबकि गत बार उनकी पत्नी लीला मदेरणा जिला प्रमुख चुनी गई थीं. भाजपा इस परिवार को अभी मात नहीं दे पाई है. मदेरणा परिवार का 23 साल तक इस पद पर दबदबा रहा है.

राठौड़ ने भी किया था एकतरफा राज: जोधपुर जिला परिषद के 1961 में गठन के साथ पहला चुनाव हुआ था और इस चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता खेत सिंह राठौड़ जिला प्रमुख बने थे. खास बात यह रही कि राठौड़ लगातार 21 साल तक इस पद पर रहे, हर बार उन्होंने इस दौरान अपना चुनाव जीता और जिला प्रमुख बने. वर्ष 1982 के बाद वे विधानसभा के लिए चुने गए.

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अब तक चार महिलाएं बनीं प्रमुख: जोधपुर जिला परिषद में अब तक हुए 11 चुनाव में सिर्फ चार बार ही महिलाओं को जिला प्रमुख बनने का मौका मिला है. इनमें तीन बार कांग्रेस से और एक बार भाजपा से जिला प्रमुख बनी हैं. कांग्रेस से लीला मदेरणा, मुन्नीदेवी गोदारा और दुर्गादेवी बलाई महिला जिला प्रमुख रही हैं, जबकि भाजपा से अमिता चौधरी प्रमुख बनी थीं.

अब 5 विधानसभा में 43 वार्ड: पंचायत चुनाव से पहले हुए परिसीमन के आधार पर जोधपुर जिले में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के वार्डों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. पहले जहां जोधपुर और फलोदी को मिलाकर 50 वार्ड थे, इस बार केवल जोधपुर में ही 43 जिला परिषद के वार्ड हैं. आरक्षण में 8 एससी, 2 एसटी व 9 ओबीसी के लिए हैं. शेष 24 अनारक्षित हैं और इनमें 12 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं. छोटे वार्ड होने से उम्मीदवार और मतदाता दोनों को फायदा होगा.

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