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जयपुर के निम्स अस्पताल में लगी आग, धुआं फैलते ही मरीजों को लेकर भागे परिजन - jaipur nims hospital fire breaks out smoke triggers stampede

जयपुर के निम्स अस्पताल में लगी आग, धुआं फैलते ही मरीजों को लेकर भागे परिजन जयपुर के निम्स मेडिकल अस्पताल में आग लगने से हड़कंप मच गया। धुआं फैलने पर परिजनों ने मरीजों को सुरक्षित ...और पढ़ें समय कम है? जानिए मुख्य बातें…

Jagran के अनुसार26 सितंबर 2026 को 09:05 am बजे
जयपुर के निम्स अस्पताल में लगी आग, धुआं फैलते ही मरीजों को लेकर भागे परिजन
 - jaipur nims hospital fire breaks out smoke triggers stampede

सौजन्य से:- Jagran

जयपुर के निम्स अस्पताल में लगी आग, धुआं फैलते ही मरीजों को लेकर भागे परिजन

जयपुर के निम्स मेडिकल अस्पताल में आग लगने से हड़कंप मच गया। धुआं फैलने पर परिजनों ने मरीजों को सुरक्षित ...और पढ़ें

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

डिजिटल डेस्क, जयपुर। शुक्रवार की देर रात चंदवाजी इलाके में स्थित निम्स मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में हड़कंप मच गया, क्योंकि ऑपरेशन थिएटर की छत से लपटें और घना धुआं निकलने लगा। रात करीब ग्यारह बजे फॉल्स सीलिंग में शुरू हुई यह चिंगारी देखते ही देखते पास के आईसीयू तक पहुंच गई।

दमघोंटू धुएं के बीच अस्पताल में भर्ती मरीजों की सांसें अटकने लगी और पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शुरुआती तौर पर बिजली के शॉर्ट सर्किट को इस घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है।

खुद मरीजों को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे परिजन

वार्डों में धुआं भरते ही मरीजों के परिजनों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। अस्पताल का आपातकालीन सिस्टम तुरंत सक्रिय न हो पाने के कारण घबराए परिजन खुद ही अपने परिजनों को व्हीलचेयर और स्ट्रेचर के सहारे बाहर खुले में ले जाने लगे।

आईसीयू में जीवनरक्षक उपकरणों पर निर्भर कई गंभीर मरीजों को परिजनों ने अपने दम पर सुरक्षित निकाला। इस हंगामे के बीच हालात ऐसे बन गए कि गंभीर रूप से अस्वस्थ लोगों को अस्पताल के लॉन और खुले परिसर में ही रात गुजारने पर मजबूर होना पड़ा।

पुलिस ने मोर्चा संभालकर बचाई जिंदगियां

आग लगने की सूचना मिलते ही चंदवाजी थाना प्रभारी राजवीर सिंह अपने जाब्ते के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। अंदर विजिबिलिटी शून्य थी और सांस लेना नामुमकिन था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने बिना वक्त गंवाए चेहरों पर रुमाल और गमछे बांधे और सीधे धुएं से घिरे वार्डों में दाखिल हो गए।

पुलिस दल ने अस्पताल कर्मियों के साथ मिलकर एक-एक कर सभी फंसे हुए मरीजों को इमरजेंसी गेट से बाहर निकाला। जांबाज पुलिसकर्मियों की त्वरित सक्रियता ने एक बड़े जानी नुकसान को समय रहते टाल दिया।

सुरक्षा व्यवस्था पर लगे सवालिया निशान

इस हादसे ने अस्पताल प्रबंधन के आपदा प्रबंधन तंत्र की पोल खोल दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आपात स्थिति से निपटने के लिए लगाए गए अग्निशामक उपाय मौके पर नाकारा साबित हुए, जिसके चलते आग और धुएं पर तुरंत काबू नहीं पाया जा सका।

अगर पुलिस समय रहते रेस्क्यू अभियान शुरू नहीं करती, तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मामले का संज्ञान ले लिया है और आग से हुए वास्तविक नुकसान तथा शॉर्ट सर्किट के तकनीकी कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

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