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राजस्थान HC के चीफ जस्टिस पर होगा ऐक्शन? CJI सूर्यकांत ने दिया बड़ा बयान

राजस्थान HC के चीफ जस्टिस पर होगा ऐक्शन? CJI सूर्यकांत ने दिया बड़ा बयान राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जज संदीप मेहता की शिकायत पर CJI सूर्यकांत ने जवाब मांगा है। जस्…

Hindustan के अनुसार27 अगस्त 2026 को 04:25 am बजे
राजस्थान HC के चीफ जस्टिस पर होगा ऐक्शन? CJI सूर्यकांत ने दिया बड़ा बयान

सौजन्य से:- Hindustan

राजस्थान HC के चीफ जस्टिस पर होगा ऐक्शन? CJI सूर्यकांत ने दिया बड़ा बयान

राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जज संदीप मेहता की शिकायत पर CJI सूर्यकांत ने जवाब मांगा है। जस्टिस मेहता ने उनके तबादले की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संदीप मेहता ने राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (ACJ) संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ शिकायत की है। उन्होंने जस्टिस शर्मा का राजस्थान से बाहर तबादला करने की मांग भी की है। अब इस मामले में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत का बयान भी सामने आया है। CJI ने बुधवार को कहा कि उन्होंने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से शिकायतों पर जवाब मांगा है।

तीन हफ्तों में जस्टिस मेहता ने लिखे तीन पत्र

जस्टिस संदीप मेहता ने तीन हफ्तों के दौरान CJI को तीन पत्र लिखकर जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के तबादले की मांग की। उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट में नियमित मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की मांग भी की है। जस्टिस शर्मा 26 सितंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। जस्टिस मेहता ने यह सवाल भी उठाया कि CJI सूर्यकांत ने उनकी बार-बार की गई मांगों पर कार्रवाई क्यों नहीं की।

जस्टिस शर्मा पर लगाए ये आरोप

राजस्थान हाईकोर्ट से ही जुड़े रहे जस्टिस मेहता ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शर्मा पर नेतृत्व क्षमता की कमी का आरोप लगाया है। उन्होंने हाईकोर्ट के न्यायिक और प्रशासनिक, दोनों स्तरों पर कुप्रबंधन और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। जस्टिस मेहता ने जस्टिस शर्मा द्वारा कथित तौर पर पक्षपात किए जाने के स्पष्ट सबूत होने का भी आरोप लगाया है। CJI सूर्यकांत ने कहा कि जस्टिस मेहता की शिकायतों की जांच की जा रही है।

CJI बोले- शिकायतों का फैसला मीडिया में नहीं हो सकता

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने कहा कि इस मामले का समाधान स्थापित प्रक्रिया के तहत ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट जजों से जुड़ी व्यक्तिगत शिकायतों का फैसला मीडिया में एक-दूसरे के दावों के आधार पर नहीं कर सकता।

CJI ने बुधवार को एक सार्वजनिक बयान भी जारी किया। इसमें उन्होंने एक जज की ओर से दूसरे जज पर लगाए गए आरोपों को लेकर सार्वजनिक तौर पर मुकदमा चलाने की कोशिश पर आपत्ति जताई।

‘आरोप लगना अपने आप में जज के खिलाफ निष्कर्ष नहीं’

CJI सूर्यकांत ने कहा कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों पर सार्वजनिक मंच पर फैसला नहीं किया जा सकता। संबंधित जज को किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी जज पर आरोप लगाए जाने मात्र से यह नहीं माना जा सकता कि आरोप साबित हो गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के किसी जज पर लगे गंभीर आरोपों की जांच के लिए स्थापित प्रक्रिया के तहत CJI एक इन-हाउस कमेटी गठित कर सकते हैं। इसमें जज शामिल होते हैं। यह कदम तब उठाया जाता है जब CJI को संबंधित जज का जवाब संतोषजनक नहीं लगता और उन्हें लगता है कि आरोप इतने गंभीर हैं कि उनकी गहन जांच जरूरी है। CJI सूर्यकांत इन दिनों तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर जर्मनी में हैं। उन्होंने कहा कि जस्टिस मेहता के पत्रों के बाद वह जस्टिस शर्मा से जवाब पहले ही मांग चुके हैं।

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