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दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नरसिंहपुर में जलभराव और ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, चौड़ी होगी स्टॉर्म वाटर ड्रेन - gmda widens delhijaipur highway drain to end narsinghpur waterlogging

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नरसिंहपुर में जलभराव और ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, चौड़ी होगी स्टॉर्म वाटर ड्रेन गुरुग्राम में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नरसिंहपुर में मानसून में जलभराव और ट्रैफिक जाम से राहत के लिए जीएमडीए मौजूदा स…

Jagran के अनुसार29 अगस्त 2026 को 12:32 pm बजे
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नरसिंहपुर में जलभराव और ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, चौड़ी होगी स्टॉर्म वाटर ड्रेन
 - gmda widens delhijaipur highway drain to end narsinghpur waterlogging

सौजन्य से:- Jagran

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नरसिंहपुर में जलभराव और ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, चौड़ी होगी स्टॉर्म वाटर ड्रेन

गुरुग्राम में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नरसिंहपुर में मानसून में जलभराव और ट्रैफिक जाम से राहत के लिए जीएमडीए मौजूदा स्टार्म ...और पढ़ें

HighLights

- जीएमडीए नरसिंहपुर में स्टार्म वाटर ड्रेन चौड़ा करेगा।

- इससे दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जलभराव की समस्या घटेगी।

- भविष्य की भारी वर्षा के लिए निकासी क्षमता बढ़ेगी।

संदीप रतन, गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नरसिंहपुर में इस बार मानसून में जलभराव और ट्रैफिक जाम से राहत के बाद अब यहां स्थायी इंतजाम करने की तैयारी की जा रही है। जीएमडीए (गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण) ने हाईवे की मौजूदा स्टार्म वाटर ड्रेन को चौड़ा करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।

इससे हाईवे के साथ-साथ सर्विस लेन पर जमा होने वाले वर्षा जल की निकासी क्षमता बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि ड्रेन की क्षमता बढ़ने के बाद वर्षा के दौरान पानी तेजी से निकल सकेगा और सड़क पर जलभराव की स्थिति बनने की आशंका काफी कम हो जाएगी।

नरसिंहपुर में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए पहले हाईवे के नीचे भूमिगत नई ड्रेन बनाने की योजना पर विचार किया गया था। इसके लिए भूमिगत पाइपलाइन डालकर वर्षा जल की निकासी को बेहतर करने का प्रस्ताव था। लेकिन अब एनएचएआइकी ओर से सर्विस लेन को कंक्रीट से तैयार किया जा रहा है।

ऐसे में नई भूमिगत ड्रेन बनाने की योजना को आगे बढ़ाने के बजाय जीएमडीए ने मौजूदा ड्रेनेज व्यवस्था की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, पहले से बनी ड्रेन को चौड़ा करने से कम समय और कम बाधा के साथ जल निकासी क्षमता बढ़ाई जा सकती है।

इसके लिए ड्रेन की मौजूदा स्थिति, जल प्रवाह और आसपास के क्षेत्र से आने वाले वर्षा जल का अध्ययन किया जा रहा है।

ट्रेंचलेस तकनीक से हाईवे के नीचे बिछाई पाइपलाइन

नरसिंहपुर क्षेत्र में हाल में किए गए ड्रेनेज सुधार के बेहतरीन नतीजे मिले हैं। हाईवे के नीचे ट्रेंचलेस तकनीक से नई पाइपलाइन बिछाकर दोनों ओर बनी ड्रेनों को आपस में जोड़ दिया गया है। इससे हाईवे के एक तरफ जमा होने वाला वर्षा जल दूसरी तरफ की ड्रेनेज व्यवस्था में पहुंचने लगा है।

इसके अलावा करीब 750 मीटर लंबी नई ड्रेन भी तैयार की गई है। इस व्यवस्था के माध्यम से हाईवे का वर्षा जल लेग-3 यानी बादशाहपुर ड्रेन तक पहुंचाया जा रहा है। इससे वर्षा के दौरान हाईवे और सर्विस लेन पर पानी की निकासी पहले की तुलना में तेज हुई है।

जलभराव घटा तो सुधरी ट्रैफिक व्यवस्था

नरसिंहपुर और दिल्ली-जयपुर हाईवे क्षेत्र में जलभराव कम होने का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। पहले तेज वर्षा के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार थम जाती थी। इसके बाद हाईवे और सर्विस लेन पर वाहनों की कतार लगने से लंबा जाम लग जाता था।

पिछले दिनों हुई वर्षा के दौरान बेहतर जल निकासी व्यवस्था के कारण बड़े स्तर पर ऐसी स्थिति नहीं बनी। हालांकि जिन स्थानों पर सुरक्षा दीवार, बैरिकेडिंग और अन्य निर्माण कार्य अभी अधूरे हैं, वहां पानी जमा होने की समस्या सामने आई। जीएमडीए अब इन्हीं बिंदुओं को चिह्नित कर ड्रेनेज व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है।

वर्ष - जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील स्थान

भविष्य की वर्षा को ध्यान में रखकर बढ़ेगी क्षमता

जीएमडीए अधिकारियों का कहना है कि नरसिंहपुर जैसे संवेदनशील स्थानों पर केवल तत्काल जल निकासी करना पर्याप्त नहीं है। भविष्य में अधिक वर्षा होने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ड्रेन की क्षमता बढ़ाना जरूरी है।

इसी उद्देश्य से मौजूदा ड्रेन को चौड़ा करने की योजना तैयार की जा रही है। इससे हाईवे पर पानी जमा होने और उसके कारण यातायात प्रभावित होने की समस्या का स्थायी समाधान करने में मदद मिलेगी।

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