राजस्थान में CJP के सामने एक और चुनौती; शिक्षकों के संगठन ने भी खोला मोर्चा
राजस्थान में CJP के सामने एक और चुनौती; शिक्षकों के संगठन ने भी खोला मोर्चा राजस्थान के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच कथित मारपीट के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर केस दर्ज कराया है। इस…

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राजस्थान में CJP के सामने एक और चुनौती; शिक्षकों के संगठन ने भी खोला मोर्चा
राजस्थान के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच कथित मारपीट के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर केस दर्ज कराया है। इस बीच अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने भी मोर्चा खोल दिया है।
जयपुर के नजदीक रामपुरा-कंवरपुरा गांव में कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर कथित हमले को लेकर सीजेपी और ग्रामीणों ने एक-दूसरे के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। इस बीच स्कूलों के मुद्दों को लेकर उतरी सीजेपी के सामने एक नई चुनौती पैदा हो गई है। शिक्षकों के एक संगठन ने कहा कि राजस्थान के शिक्षण संस्थानों को राजनीतिक टकराव का अखाड़ा नहीं बनने दिया जाएगा।
शिक्षकों को परेशान करना ठीक नहीं
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) ने दावा किया कि वह सरकार का बचाव नहीं कर रहा है वरन स्कूल परिसर में सियासत के खिलाफ आवाज उठा रहा है। शिक्षकों को परेशान करने के आरोपों पर शिक्षक संघ ने कहा कि आम जनता का कोई शख्स प्रिंसिपल से अनुमति लेने के बाद ही स्कूल में दाखिल हो सकता है। ऐसे में आदेशों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए करना या शिक्षकों को परेशान करना कतई मंजूर नहीं है।
स्कूल परिसर को विवादों में ना घसीटें
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) के राज्य उपाध्यक्ष पूरणमल नागर ने कहा कि बाहरी राजनीतिक कार्यकर्ताओं की ओर से निरीक्षण की कोशिश का स्थानीय लोगों ने विरोध किया जिससे हाथापाई की नौबत आ गई। शिक्षक संघ हिंसा का समर्थन नहीं करता लेकिन स्कूल परिसर को विवादों में घसीटने की कोशिश गलत है। स्कूल की सुविधाओं या प्रशासनिक कमियों से जुड़ी चिंता को शिक्षा विभाग और राज्य सरकार के सामने उठाना चाहिए।
स्कूल राजनीतिक एजेंडे के लिए नहीं
नवलकिशोर शर्मा ने कहा कि स्कूल छात्रों का भविष्य संवारने के लिए होते हैं न कि किसी राजनीतिक संगठन के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए। वहीं संगठन के स्टेट मीडिया सेल के सुरेश कुमार बैरागी ने शिक्षकों, अभिभावकों, गांव के लोगों और जन-प्रतिनिधियों से विवादों को सही कानूनी तरीकों से सुलझाने की अपील की। संगठन के कार्यकर्ता खुद सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।
CJP के लोगों से डर गए थे बच्चे, गांव के लोगों का आरोप
वहीं रामपुरा-कंवरपुरा गांव के लोगों का कहना है कि CJP कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से भय का माहौल बन गया था। बच्चे डर गए थे और स्कूल नहीं जा रहे थे। सरकार ने स्कूल भवन की मरम्मत के लिए पहले ही रकम मंजूर कर दी है। स्थानीय स्तर पर मरम्मत कराई जा सकती है। वहीं सीजेपी की ओर से दर्ज कराई शिकायत में कहा गया है कि घटना के समय कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। हमलावर भाजपा नेताओं के बुलाए लोग थे। हमारे पास इसके सबूत हैं।
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