जयपुर में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा: CA ने बोगस फर्मों के नाम पर विदेश भेजे 2,395 करोड़ रुपए
जयपुर में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा: CA ने बोगस फर्मों के नाम पर विदेश भेजे 2,395 करोड़ रुपए जयपुर के पत्रकार कॉलोनी थाने में सीए के खिलाफ मुकदमा दर्ज. 40 फर्मों संस्थाओं के नाम पर फर्जीवाड़े का आरोप. Published : August…

सौजन्य से:- ETV Bharat
जयपुर में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा: CA ने बोगस फर्मों के नाम पर विदेश भेजे 2,395 करोड़ रुपए
जयपुर के पत्रकार कॉलोनी थाने में सीए के खिलाफ मुकदमा दर्ज. 40 फर्मों संस्थाओं के नाम पर फर्जीवाड़े का आरोप.
Published : August 24, 2026 at 8:15 PM IST
जयपुर: राजधानी जयपुर में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) द्वारा धोखाधड़ी कर 23.95 अरब रुपए विदेश भेजने का मामला सामने आया है. आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेजों की मदद से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के गलत प्रमाण जारी कर धांधली की. यहां तक कि रिटर्न नहीं भरने वाले लोगों के नाम का दुरुपयोग करने का भी आरोप है. अब आयकर विभाग की ओर से पत्रकार कॉलोनी थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है. पत्रकार कॉलोनी थानाधिकारी कविता शर्मा ने बताया, आयकर विभाग के फॉरेन एसेट्स इन्वेस्टिगेशन यूनिट, जयपुर के डिप्टी डायरेक्टर (अन्वेषण) मिंटू लाल मीणा ने जयपुर के पत्रकार कॉलोनी निवासी सीए अभिषेक जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है.
तीन साल में भेजी गई रकम: प्राथमिकी के अनुसार, सीए अभिषेक जैन की ओर से फॉर्म- 15 सीबी (विदेश में ट्रांजेक्शन के लिए टैक्स सर्टिफिकेट) के फर्जी प्रमाण पत्र से 40 बोगस फर्म, संस्थाओं और ट्रस्ट के नाम पर तीन साल में करीब 23.95 अरब रुपए विदेश भेजे गए. रिपोर्ट में बताया गया है कि आयकर विभाग की ओर से 18 अगस्त को देश में अलग-अलग ठिकानों पर सर्च की कार्रवाई की गई थी. जयपुर में सीए अभिषेक जैन के ठिकाने पर सर्च की कार्रवाई के दौरान मिले दस्तावेजों से यह धांधली सामने आई है.
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सर्च की कार्रवाई में खुली पोल: रिपोर्ट में कहा गया है कि आयकर विभाग की फॉरेन इन्वेस्टिगेशन विंग की ओर से जयपुर में सीए अभिषेक जैन के ठिकाने पर भी सर्वे की कार्रवाई की गई थी. यह सर्वे 22 अगस्त को पूरा हुआ. जांच में मिले दस्तावेजों की पड़ताल में यह गड़बड़ी सामने आई है. दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि साल 2021 से 2024 के बीच तीन साल में 40 फर्मों के नाम 15 सीबी के 3,168 प्रमाण पत्र जारी किए गए और इनके जरिए 23.95 अरब रुपए विदेश भेजे गए.
दस्तावेजों में इन फर्मों का नाम: थानाधिकारी ने बताया कि दर्ज रिपोर्ट के अनुसार उषा इन्फो लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड, जयपुर के नाम से 15.67 करोड़, वेब हाइजिन इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता के नाम से 54.57 करोड़ रुपए, हरमानी नेटवर्किंग प्राइवेट लिमिटेड, अजमेर के नाम से 19.57 करोड़, रैंक स्पीडवे प्राइवेट लिमिटेड, महाराष्ट्र के नाम से 25.86 करोड़ रुपए, आशा किरण टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई के नाम से 85.50 करोड़ रुपए, महेश कुमार, अजमेर के नाम से 22.17 करोड़ रुपए, महेंद्र मारुति, महाराष्ट्र के नाम से 3.65 करोड़ रुपए भेजे गए.
इन फर्मों का नाम भी आया सामने: रिपोर्ट के अनुसार राजू शंभूनाथ, महाराष्ट्र के नाम से 3.89 करोड़, भागीरथ पुहन, महाराष्ट्र के नाम से 16.65 करोड़, कन्हैयालाल कुमावत, जयपुर के नाम से 89.19 करोड़ रुपए, सूरज यादव, जयपुर के नाम से 1.54 करोड़ रुपए, सुशील कुमार जांगिड़, सीकर के नाम से 9.18 करोड़ रुपए, हर्ष महेश्वरी, अजमेर के नाम से 4.77 करोड़ रुपए, संजय कुमार, ओडिशा के नाम से 11.92 करोड़ रुपए, सूरज दयानंद, मुंबई के नाम से 7.13 करोड़ रुपए, किशन कुमार, भीलवाड़ा के नाम से 26.62 करोड़ रुपए, आकाश सुनील तिवाड़ी, महाराष्ट्र के नाम से 12.08 करोड़ रुपए विदेश भेजे गए.
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इनके नाम का भी किया दुरुपयोग: जबकि, योगेंद्र रविंद्र, महाराष्ट्र के नाम से 11.72 करोड़, सुरेश कुमार, जयपुर के नाम से 19.68 करोड़, अरिहंत जैन, भीलवाड़ा के नाम से 20.07 करोड़, मुकेश बिरला, भीलवाड़ा के नाम से 40.14 करोड़, विक्रम सिंह, भीलवाड़ा के नाम से 14.20 करोड़, राजेश, मुंबई के नाम से 78.67 करोड़, आयुष, बीकानेर के नाम से 21.31 करोड़, रिंकू भरतपुर के नाम से 8.78 करोड़, परमेश्वर माली, अजमेर के नाम पर 20.70 करोड़ रुपए, कर्मयोगी सिंह, अजमेर के नाम से 49.71 करोड़, अवधेश कुमार, बुलंदशहर के नाम से 30.08 करोड़ रुपए विदेश भेजे गए.
इन लोगों के नाम रकम भेजी विदेश: इसी प्रकार, गौतम गोहेन, मुंबई के नाम से 21.06 करोड़, अनिल कुमार, अजमेर के नाम से 59.31 करोड़, विष्णु प्रजापत, छत्तीसगढ़ के नाम से 24.14 करोड़ रुपए, प्रदीप सिंह, भीलवाड़ा के नाम से 8.13 करोड़ रुपए, राजेंद्र सिंह, अजमेर के नाम से 6.34 करोड़, संतोष शाक्य, मध्यप्रदेश के नाम से 9.77 करोड़ रुपए, हेमंत कुमार के नाम से 3.09 करोड़ रुपए, संजय साहनी, उत्तर प्रदेश के नाम से 3.68 करोड़ रुपए, पप्पू सिंह, आसींद के नाम से 41.07 करोड़ रुपए, सुरेंद्र, अजमेर के नाम से 40.34 करोड़ रुपए और बाबूलाल शाक्य, अजमेर के नाम से 34.92 करोड़ रुपए की रकम विदेश भेजी गई.
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