राजस्थान पुलिस: AI एक्सपर्ट्स की एंट्री से अपराध नियंत्रण और तकनीकी मजबूती
राजस्थान पुलिस पांच यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति कर रही है, जिनमें AI, क्राइम डेटा एनालिसिस, ड्रग तस्करी, सड़क सुरक्षा, और नए आपराधिक कानूनों के विशेषज्ञ होंगे। ये विशेषज्ञ अपराध के ट्रेंड, हॉटस्पॉट की पहचान, नई न्याय संहिताओं की मॉनिटरिंग, सड़क दुर्घटनाओं के रोकथाम के सुझाव, और AI आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने में मदद करेंगे। सूत्र: अमर उजाला

सौजन्य से:- Amar Ujala
राजस्थान पुलिस में होगी AI एक्सपर्ट्स की एंट्री: डेटा एनालिसिस से अपराधियों पर होगी पैनी नजर
राजस्थान पुलिस तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए पांच यंग प्रोफेशनल्स की भर्ती करेगी। एआई, क्राइम डेटा, रोड सेफ्टी और ड्रग कंट्रोल जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ नियुक्त होंगे।
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राजस्थान पुलिस अपराध नियंत्रण और आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए पहली बार पांच यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति करने जा रही है। इन विशेषज्ञों की जिम्मेदारी केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्राइम डेटा एनालिसिस, ड्रग तस्करी, सड़क सुरक्षा और नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे अहम क्षेत्रों में पुलिस की रणनीति तैयार करने में सहयोग देंगे।
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार क्राइम डेटा एनालिस्ट, नई न्याय संहिताओं की मॉनिटरिंग, रोड सेफ्टी, ड्रग कंट्रोल और एआई इन पुलिसिंग के लिए एक-एक विशेषज्ञ नियुक्त किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को 45 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा और उनकी नियुक्ति एक वर्ष के लिए पुलिस मुख्यालय, जयपुर में अनुबंध के आधार पर होगी।
क्या होगा यंग प्रोफेशनल्स का काम?
-राज्यभर में अपराध और महिला-बाल अपराध के आंकड़ों का विश्लेषण कर अपराध के ट्रेंड और हॉटस्पॉट की पहचान करना।
-भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के क्रियान्वयन की निगरानी करना।
-सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों का अध्ययन कर दुर्घटना रोकने के लिए सुझाव देना।
-मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क और उसके पैटर्न का विश्लेषण कर पुलिस कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाना।
-पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा आधारित तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना, ताकि जांच और अपराध नियंत्रण को अधिक स्मार्ट बनाया जा सके।
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एडीजी क्राइम बोले मकसद डेटा आधारित पुलिसिंग की दिशा में आगे बढ़ना
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (अपराध) बिपिन कुमार पाण्डेय ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ युवाओं की विशेषज्ञता का उपयोग कर राजस्थान पुलिस को तकनीक-संचालित और डेटा आधारित पुलिसिंग की दिशा में आगे बढ़ाना है।
भर्ती के लिए आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किए जा सकेंगे। आवेदन विज्ञापन प्रकाशित होने की तिथि से 15 दिन के भीतर पुलिस मुख्यालय में पहुंचना आवश्यक होगा। चयन लिखित परीक्षा, प्रायोगिक परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा।
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