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Dainik Bhaskar के अनुसार29 अगस्त 2026 को 08:32 am बजे
9-साल की बच्ची ने तीन लोगों को दिया नया जीवन:  डॉक्टरों ने ब्रेनडेड घोषित किया, पिता बोले-बेटी कहती थी डॉक्टर बनूंगी - Jodhpur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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9-साल की बच्ची ने तीन लोगों को दिया नया जीवन:डॉक्टरों ने ब्रेनडेड घोषित किया, पिता बोले-बेटी कहती थी डॉक्टर बनूंगी

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जोधपुर के एम्स हॉस्पिटल में 9 साल की बच्ची ने तीन लोगों को नई जिंदगी दी। पचपदरा निवासी अंजलि सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई थी। 27 अगस्त को डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने अंगदान करने का फैसला किया। अंजलि की दोनों किडनी और लिवर डोनेट किए गए हैं।

शनिवार सुबह 11 बजे एक किडनी और लिवर ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जयपुर के SMS हॉस्पिटल जयपुर भेजे गए। दूसरी किडनी जोधपुर एम्स में पेशेंट को ट्रांसप्लांट की जाएगी।

अंजलि के पिता अशोक दास ने बताया- वह पेशे से ड्राइवर हैं और उनकी पत्नी हाउस वाइफ है। उनकी शादी 2003 में हुई थी और शादी के 12 साल बाद 2015 में बेटा हुआ। अंजली कक्षा 4 में पढ़ती थी और डाक्टर बनना चाहती थी।

19 अगस्त को अंजलि स्कूल जा रही थी। सड़क पार करते समय एक डंपर ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में उसके सिर में गंभीर चोट लग गई। अंजलि को इलाज के लिए जोधपुर एम्स में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। उन्होंने बताया कि शुरुआत में परिजन अंगदान के लिए राजी नहीं हुए, लेकिन समझाने के बाद मान गए।

PHOTOS में देखिए भावुक हुए परिजन ….

जोधपुर एम्स के सुपरिटेंडेंट डॉ अभिषेक भारद्वाज ने बताया- बच्ची को 27 अगस्त को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित किया था। ब्रेन शरीर के सभी अंगों को कंट्रोल करता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण सांस लेने वाला फंक्शन है। यदि यह रुक जाता है तो वेंटिलेटर के जरिए ऑक्सीजन शरीर के अंगों तक आर्टिफिशियल तरीके से पहुंचाई जाती है। इससे अंगों को कुछ समय तक के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है, ताकि उसे दूसरे शरीर में ट्रांसप्लांट किया जा सके। AIIMS जोधपुर ने मार्च 2024 में मृतक अंगदान कार्यक्रम की शुरुआत की थी। अब तक यहां 37 ऑर्गन डोनेट किए जा चुके हैं।

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जयपुर में एक्सीडेंट के कारण ब्रेनडेड युवक मौत से पहले 3 लोगों को नई जिंदगियां दे गया। सवाई मानसिंह हॉस्पिटल (SMS) के डॉक्टर्स की समझाइश के बाद परिवार ने युवक की किडनी-लिवर डोनेट कर दी। हालांकि, उन्होंने उसका हार्ट डोनेट करने से इनकार कर दिया। कॉलेज स्टूडेंट रोहन शर्मा (18) जयपुर के चौमूं का रहने वाला था। (पूरी खबर पढ़ें)

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