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राजस्थान: मानसून की बारिश से बांधों में उफान, कालीसिंध से 8 हजार और नवनेरा से 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा

राजस्थान: मानसून की बारिश से बांधों में उफान, कालीसिंध से 8 हजार और नवनेरा से 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा राजस्थान में मानसून सक्रिय होने से कई जिलों में बारिश हुई और बांधों में पानी की आवक बढ़ी। कालीसिंध और नवनेरा बांध स…

Amar Ujala के अनुसार27 अगस्त 2026 को 05:28 am बजे
राजस्थान: मानसून की बारिश से बांधों में उफान, कालीसिंध से 8 हजार और नवनेरा से 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा

सौजन्य से:- Amar Ujala

राजस्थान: मानसून की बारिश से बांधों में उफान, कालीसिंध से 8 हजार और नवनेरा से 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा

राजस्थान में मानसून सक्रिय होने से कई जिलों में बारिश हुई और बांधों में पानी की आवक बढ़ी। कालीसिंध और नवनेरा बांध से पानी छोड़ा गया। 28 अगस्त से बारिश घटेगी।

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राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ा है, लेकिन यह सक्रियता ज्यादा लंबी रहने के आसार नहीं हैं। आज 12 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी है, जबकि बीते 24 घंटे में जयपुर समेत 10 जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार 28 अगस्त से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां घटेंगी और अगले तीन-चार दिन मौसम मुख्यतः शुष्क रह सकता है।

बारिश के बीच दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के बांधों में पानी की आवक बढ़ी है। झालावाड़ में कालीसिंध नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद एक गेट खोलकर 8 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। कोटा के नवनेरा बांध से भी तीन गेटों के जरिए 25 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है।

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करौली में सबसे ज्यादा बारिश

पिछले 24 घंटे में जयपुर, भरतपुर, धौलपुर, सवाई माधोपुर, करौली, कोटा, झालावाड़, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और सिरोही में हल्की से मध्यम बारिश हुई। सबसे ज्यादा 47 मिमी बारिश करौली के सपोटरा में दर्ज की गई। जयपुर में बुधवार को लगातार तीसरे दिन बारिश हुई। कलेक्ट्री, सांगानेर एयरपोर्ट और जेएलएन मार्ग पर करीब एक इंच बारिश से कई जगह सड़कें पानी में डूब गईं और यातायात प्रभावित हुआ।

कई बांधों में बढ़ी पानी की आवक

त्रिवेणी नदी का जलस्तर 2.30 मीटर से ऊपर रहने से बीसलपुर बांध का गेज चार सेंटीमीटर बढ़ा। इसके अलावा कोटा बैराज, जवाहर सागर, ईसरदा, गालवा, पार्वती और गुढ़ा बांध में भी पानी की आवक हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ जम्मू, देहरादून, शाहजहांपुर से होते हुए दक्षिणी उत्तर प्रदेश, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, रांची और दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसके प्रभाव से अभी पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। 28 अगस्त से मानसून कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने, धूप निकलने और तापमान में बढ़ोतरी होने का अनुमान है। हालांकि कोटा संभाग में 27-28 अगस्त को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर

बारिश का असर पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में गर्मी-उमस से राहत के रूप में दिख रहा है, लेकिन पश्चिमी हिस्से अब भी गर्म हैं। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री दर्ज हुआ। जोधपुर में 36.5 और सीकर में 38 डिग्री तापमान रहा। यानी अगले 48 घंटे राजस्थान के लिए बारिश के लिहाज से अहम हैं। इसके बाद मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने के साथ प्रदेश में एक बार फिर गर्मी और उमस बढ़ सकती है।

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