जयपुर में 6.80 करोड़ का 'बॉस स्कैम': व्हाट्सएप चैट क्लोन कर अकाउंट हेड को निशाना बनाया, 4 आरोपी गिरफ्तार
जयपुर में 6.80 करोड़ का 'बॉस स्कैम': व्हाट्सएप चैट क्लोन कर अकाउंट हेड को निशाना बनाया, 4 आरोपी गिरफ्तार ठगी की रकम में से 3.50 करोड़ रुपए की रकम करवाई होल्ड, रिफंड की कवायद जारी. Published : September 2, 2026 at 6:31 PM…

सौजन्य से:- ETV Bharat
जयपुर में 6.80 करोड़ का 'बॉस स्कैम': व्हाट्सएप चैट क्लोन कर अकाउंट हेड को निशाना बनाया, 4 आरोपी गिरफ्तार
ठगी की रकम में से 3.50 करोड़ रुपए की रकम करवाई होल्ड, रिफंड की कवायद जारी.
Published : September 2, 2026 at 6:31 PM IST
जयपुर: साइबर अपराध की दुनिया के चर्चित बॉस स्कैम के एक मामले का खुलासा करते हुए 6.80 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज शिकायत के आधार पर स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है. एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि एक प्राइवेट लिमिटेड फर्म के अकाउंट्स हेड सुनील जोशी की रिपोर्ट पर दर्ज मुकदमे में कार्रवाई करते हुए जयपुर निवासी मयंक कासोटिया, बृजमोहन द्रोण उर्फ लक्की, डीडवाना-कुचामन निवासी समानाराम और सीकर निवासी मोती यादव को गिरफ्तार किया गया है. साइबर ठगी के 6.80 करोड़ रुपए में से 3.50 करोड़ की रकम होल्ड करवाई गई है, जिसे रिफंड करवाने की कवायद चल रही है.
फर्म के कंप्यूटर को बनाया निशाना: उन्होंने बताया, साइबर अपराधियों ने 26 अगस्त को फर्म की ऑफिस के कंप्यूटर सिस्टम को टार्जन मालवेयर के जरिए निशाना बनाया. इसके बाद any desk से web.watsapp का एक्सेस हासिल कर लिया. कंपनी के डायरेक्टर की चैट की रेप्लिका तैयार कर एक नए नंबर को डायरेक्टर के नाम से सेव किया और अकाउंट हेड को मैसेज भेजकर 6.80 करोड़ रुपए की रकम तीन बैंक खातों में ट्रांसफर करवा ली, जबकि इस भुगतान को किसी भी डायरेक्टर ने अधिकृत नहीं किया. इस घटना को लेकर परिवादी की रिपोर्ट पर स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया गया.
इसे भी पढ़ें- Boss Scam : कॉर्पोरेट अकाउंट को निशाना बनाते हैं साइबर ठग, करोड़ों की धोखाधड़ी...
रकम को ऐसे किया ट्रांसफर: जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने साइबर ठगी की रकम को म्यूल अकाउंट, डिजिटल वॉलेट, QR कोड और क्रिप्टो करेंसी के जरिए अलग-अलग जगहों पर ट्रांसफर कर दिया. जांच में सामने आया कि साइबर ठग फ्रॉड की रकम की एक टेलीग्राम चैनल के जरिए निगरानी करते रहे. टेलीग्राम के जरिए उन्होंने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम और पासबुक किट लोगों को 10-15 हजार रुपए देकर खरीदे. इन बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर कर आगे भेजी जाती. ठगी की रकम को सिंगापुर और हांगकांग में बैठे मास्टरमाइंड इंटरनेट बैंकिंग से अलग-अलग खातों में भेजते.
मयंक ने बैंक खाता उपलब्ध करवाया: पुलिस की जांच में सामने आया है कि जयपुर निवासी मयंक कासोटिया ने अपना बैंक खाता साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के किए उपलब्ध करवाया. खाते में रकम आने पर चेक के जरिए कैश विड्रो किया. यह रकम उसने आशीष और बृजमोहन को दी. उनके कहने पर कुछ रकम QR कोड और डिजिटल वॉलेट के माध्यम से आगे ट्रांसफर की. पुलिस ने आरोपी मयंक को गिरफ्तार कर लिया है.
इसे भी पढ़ें- Cyber Fraud : दिल्ली में चल रहा था साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क, डीग पुलिस ने 43 महिलाओं समेत 80 संदिग्धों को किया डिटेन
बृजमोहन ने रकम को USDT में बदला: पुलिस की जांच में सामने आया है कि बृजमोहन की भूमिका साइबर ठगी गिरोह के लिए बैंक खातों की व्यवस्था करने की रही. वह ठगी की रकम को म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर करवाता, अकाउंट होल्डर से रकम विड्रो करवाता और आगे ट्रांसफर करवाता. वह टेलीग्राम और binance के जरिए ठगी की रकम को USDT में बदलकर आगे साइबर ठगी के मास्टरमाइंड तक भेजता. वह टेलीग्राम चैनल के जरिए पूरे लेनदेन का कॉर्डिनेशन करता. ठगी की रकम की लेयरिंग करने और आगे ट्रांसफर करने में उसकी अहम भूमिका सामने आई है.
समानाराम की भी सामने आई भूमिका: जांच में सामने आया कि आरोपी समानाराम टेलीग्राम एप के जरिए बृजमोहन को क्रिप्टो करेंसी के लेनदेन से जोड़ा. उसने गिरोह के अन्य लोगों के साथ मिलकर USDT के लेनदेन का समन्वय किया. उसने टेलीग्राम पर QR कोड मुहैया करवाए. जिनके जरिए ठगी की रकम को USDT में बदला जाता. उसकी भी साइबर ठगी की रकम की लेयरिंग करने और हस्तांतरण करने में अहम भूमिका सामने आई है.
मोहित यादव ठगी की रकम की लेयरिंग करवाता: मोहित यादव बृजमोहन के साथ मिलकर बैंक खातों की व्यवस्था करवाता. रकम को म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर करवाने, रकम विड्रो करवाने और आगे ट्रांसफर करवाने में शामिल पाया गया. वह रकम को USDT में बदलने और USDT को हस्तांतरित करने में भी संलिप्त था. वह टेलीग्राम के जरिए ठगी की रकम के लेनदेन का समन्वय करता. ठगी की रकम की लेयरिंग और आगे ट्रांसफर करने में उसकी भूमिका सामने आई.
इसे भी पढ़ें- Cyber Crime : ठगी की कमाई से खरीदी SUV, स्पोर्ट्स बाइक और ट्रैक्टर, 12 करोड़ का संदिग्ध ट्रांजेक्शन, एक गिरफ्तार
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

जयपुर जा रही रोडवेज में घुसी खीरे लदी पिकअप, इंजन डैमेज - Sriganganagar News

चार्टर प्लेन से जयपुर पहुंचीं बिरला परिवार की निर्मला बिरला: एयरपोर्ट पर ग्रुप के प्रतिनिधियों ने किया स्वागत, कोलकाता से आईं है शहर - Jaipur News

राजस्थान में 40 हजार की रिश्वत लेते पुलिसकर्मी समेत दो गिरफ्तार


