जुकाम-बुखार के साथ भीड़ में जाना पड़ सकता है भारी; राजस्थान में स्वाइन फ्लू के 55 नए केस
जुकाम-बुखार के साथ भीड़ में जाना पड़ सकता है भारी; राजस्थान में स्वाइन फ्लू के 55 नए केस चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू के 146 केस डिटेक्ट हो चुके हैं। इनमें से…

सौजन्य से:- Hindustan
जुकाम-बुखार के साथ भीड़ में जाना पड़ सकता है भारी; राजस्थान में स्वाइन फ्लू के 55 नए केस
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू के 146 केस डिटेक्ट हो चुके हैं। इनमें से पिछले 27 दिनों में ही 55 नए मरीज सामने आए हैं। यानी हाल के दिनों में मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
राजस्थान में स्वाइन फ्लू (इन्फ्लुएंजा ए एच1एन1) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 27 दिनों में राज्य में 55 नए केस सामने आने के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खास बात यह है कि राजस्थान के साथ पड़ोसी राज्यों हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए एडवाइजरी जारी की है।
विभाग ने साफ कहा है कि अगर किसी व्यक्ति को जुकाम, बुखार या फ्लू जैसे लक्षण हैं तो वह भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचे। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समय सबसे जरूरी है कि लक्षणों को सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज न किया जाए और संक्रमण की स्थिति में सावधानी बरती जाए।
27 दिन में 55 केस, जनवरी से अब तक 146 मरीज
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू के 146 केस डिटेक्ट हो चुके हैं। इनमें से पिछले 27 दिनों में ही 55 नए मरीज सामने आए हैं। यानी हाल के दिनों में मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक सामने आए मामलों में मरीजों में सामान्य लक्षण ही मिले हैं। स्वाइन फ्लू से अब तक राजस्थान में एक भी मौत दर्ज नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
जुकाम-बुखार को हल्के में न लें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि यदि किसी व्यक्ति को जुकाम, खांसी, बुखार या फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो वह भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचे। सार्वजनिक स्थानों पर संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका रहती है।
विशेषज्ञों के अनुसार फ्लू के लक्षण होने पर आराम करना, दूसरों से दूरी बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर है। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाइयां लेने से भी बचने की सलाह दी गई है।
इन लोगों के लिए ज्यादा सावधानी जरूरी
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी में छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर या लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। इन लोगों को भीड़भाड़ वाले और संक्रमण की आशंका वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
विभाग ने लोगों से मास्क, हाथों की साफ-सफाई और खांसते-छींकते समय सावधानी जैसी सामान्य एहतियाती उपाय अपनाने की अपील भी की है।
पड़ोसी राज्यों में बढ़ते केस ने बढ़ाई चिंता
राजस्थान के अलावा हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं। इन राज्यों में संक्रमण की बढ़ती गतिविधि को देखते हुए राजस्थान में भी स्वास्थ्य विभाग निगरानी बढ़ा रहा है।
स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग इन राज्यों के बीच नियमित रूप से यात्रा करते हैं। ऐसे में संक्रमण के एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचने की संभावना बनी रहती है।
क्या कोई नया घातक स्ट्रेन आया है?
स्वाइन फ्लू के मामलों में अचानक बढ़ोतरी के बीच लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या एच1एन1 का कोई नया और ज्यादा घातक स्ट्रेन फैल रहा है? विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
आईसीएमआर के अनुसार, वर्तमान में प्रचलित एच1एन1 वायरस पहले से ही सक्रिय है। किसी नए या अधिक घातक स्ट्रेन के प्रसार की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए आमजन को घबराने की जरूरत नहीं है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट कर रहे हैं कि इसका मतलब लापरवाही करना नहीं है। संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतना और लक्षण दिखाई देने पर समय पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील- सावधानी ही बचाव
फिलहाल राजस्थान में सामने आए सभी मामलों में सामान्य लक्षण होने और किसी मौत की रिपोर्ट नहीं आने से राहत है। लेकिन 27 दिनों में 55 नए केस यह संकेत जरूर दे रहे हैं कि फ्लू को लेकर सतर्क रहने का समय है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि जुकाम-बुखार जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें, भीड़ से दूरी रखें और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकितकीय सलाह लें।
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