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पूरी रात रिमझिम और तेज बारिश, कोटा में 42.4 मिमी बरसात, नौनेरा बैराज से छोड़ा गया 5204 क्यूसेक पानी

पूरी रात रिमझिम और तेज बारिश, कोटा में 42.4 मिमी बरसात, नौनेरा बैराज से छोड़ा गया 5204 क्यूसेक पानी लगातार बारिश होने से मौसम सुहाना हो गया. तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई. Published : August 25, 2026 at 1…

ETV Bharat के अनुसार25 अगस्त 2026 को 06:55 am बजे
पूरी रात रिमझिम और तेज बारिश, कोटा में 42.4 मिमी बरसात, नौनेरा बैराज से छोड़ा गया 5204 क्यूसेक पानी

सौजन्य से:- ETV Bharat

पूरी रात रिमझिम और तेज बारिश, कोटा में 42.4 मिमी बरसात, नौनेरा बैराज से छोड़ा गया 5204 क्यूसेक पानी

लगातार बारिश होने से मौसम सुहाना हो गया. तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई.

Published : August 25, 2026 at 10:47 AM IST

|Updated : August 25, 2026 at 11:50 AM IST

कोटा: मानसून में पहली बार कोटा में बारिश की झड़ी लगी है. सोमवार रात से शुरू हुआ बारिश का क्रम मंगलवार को भी जारी है. पूरी रात रिमझिम और कभी तेज बारिश हुई. मौसम विभाग के अनुसार सोमवार शाम 5:30 से मंगलवार सुबह 8:30 बजे के बीच 42.4 मिलीमीटर बारिश गिरी. इसे मिलाकर पूरे सीजन में कोटा में 334.2 मिलीमीटर बारिश हुई है.

सोमवार रात से मंगलवार के बीच गिरी बारिश इस सीजन में एक दिन में सबसे ज्यादा बारिश है. इससे पहले 22 जुलाई को 24 घंटे में 37 मिमी बारिश हुई थी. पूरे संभाग में यह दौर चल रहा है. फसलों को भी इस बारिश से संजीवनी मिली है. पूरी रात बारिश के चलते मंगलवार तड़के न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जिसमें दो डिग्री की गिरावट आई. सोमवार का न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री था. अधिकतम तापमान सोमवार को 33 डिग्री रहा, जिसमें 1.4 डिग्री की गिरावट हुई.

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फसलों को मिली संजीवनी: हाड़ौती संभाग में सोयाबीन, धान, उड़द और मक्का की फसल को पानी की सख्त जरूरत थी. बारिश कम होने से फसलों की स्थिति क्रिटिकल हो गई थी. सोयाबीन में कीट पनपने लगे थे.कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक अतीश कुमार शर्मा ने कहा कि बारिश की सख्त जरूरत थी. फसलों में इल्लियों के अंडे पनपने लगे थे, इस बारिश से वे झड़ जाएंगे. फसलों को पानी की जरूरत थी, यह पानी संजीवनी के रूप में गिरा है.

चार डैम से पानी की निकासी : जल संसाधन विभाग की सहायक अभियंता नीतिका पारेता ने बताया कि कोटा जिले में नौनेरा, झालावाड़ में काली सिंध, छापी और राजगढ़ बांध के डैम खोले गए हैं. इसमें काली सिंध नदी पर कोटा जिले में बने नोनेरा बैराज से दो गेट 1 मीटर खोले गए हैं. यहां से 5204 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. बैराज के जलस्तर को 214 मीटर पर मेंटेन किया जा रहा है, जबकि राजगढ़ और काली सिंध बांध 1.2 मीटर खोले गए है. झालावाड़ के काली सिंध बांध से 848 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि राजगढ़ डैम से 680 क्यूसेक पानी कि निकासी हो रही है. जबकि चंबल नदी पर बने कोटा बैराज, जवाहर सागर और राणा प्रताप सागर बांध में जलस्तर ज्यादा ऊंचा नहीं आया है. कोटा बैराज करीब 97 फ़ीसदी भरा हुआ है. राणा प्रताप सागर बांध में 70 फीसदी पानी है.

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नैनवा में 72 एमएम बारिश गिरी : इधर जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बूंदी जिले के नैनवा में 72 और केशोरायपाटन में 67 एमएम बारिश गिरी है. इसी तरह से झालावाड़ के पांच पहाड़ में 67 एमएम बारिश हुई है. कोटा जिले के सुल्तानपुर में भी 59 और नौनेरा बैराज पर 40 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है. जबकि कोटा बैराज पर 30 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है. संभाग में स्थित डैम पर 15 से लेकर 72 एमएम तक बारिश रिकार्ड की गई.

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