नीरज शर्मा हत्याकांड में गिरफ्तारी: प्रॉपर्टी के लिए साजिश
जयपुर में लिपिक नीरज शर्मा की हत्या के मामले में सात आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया गया था, जिनमें उनकी बेटी आयुषी भी शामिल हैं। निर्धन नीरज शर्मा की हत्या के पीछे उनकी संपत्ति का ही नाम बताया गया है, जिसके लिए उनकी बेटी और जेठ ने भी आरोपी बने हुए हैं।

सौजन्य से:- ETV Bharat
जयपुर नीरज शर्मा हत्याकांड: मास्टरमाइंड बलराम गिरफ्तार, प्रॉपर्टी के लिए 3 महीने से रच रहा था साजिश
कोर्ट में लिपिक नीरज शर्मा की हत्या के मामले में उनकी बेटी आयुषी सहित सात आरोपियों को पुलिस पहले ही कर चुकी गिरफ्तार.
Published : July 24, 2026 at 6:55 PM IST
जयपुर: राजधानी के बहुचर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड में फरार चल रहे बलराम उर्फ रविप्रकाश को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. मामले का खुलासा होने के बाद से ही वह फरार चल रहा था. उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने पांच हजार रुपए का ईनाम रखा था. इस मामले में मृतका नीरज शर्मा की बेटी आयुषी और जेठ मोहन स्वरूप सहित सात आरोपियों को पुलिस पहले गिरफ्तार कर चुकी है. जयपुर (पूर्व) डीसीपी रंजीता शर्मा ने बताया कि नीरज शर्मा हत्याकांड में फरार आरोपी रविप्रकाश उर्फ बलराम शर्मा को गिरफ्तार किया गया है. उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा. उससे पूछताछ में हत्याकांड से जुड़ी कई कड़ियां जुड़ने की संभावना है. वह संपत्ति हड़पने के लिए तीन महीने से हत्या की साजिश रच रहा था.
पुलिस ने 6 जुलाई को किया था खुलासा: डीसीपी रंजीता शर्मा ने बताया कि 6 जुलाई को वारदात का खुलासा करते हुए नीरज शर्मा की हत्या की साजिश रचने के आरोप में उसकी बेटी आयुषी शर्मा और जेठ मोहन प्रकाश शर्मा के साथ ही सुपारी लेकर हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले हेमंत शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, मोहित शर्मा और रोहित जाटव को गिरफ्तार किया था. इस मामले में आयुषी का चचेरा भाई और मोहन स्वरूप शर्मा का बेटा रवि उर्फ बलराम फरार चल रहा था. उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने पांच हजार रुपए का ईनाम रखा था. उसे जयपुर में सांगानेर इलाके से गिरफ्तार किया गया है.
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लगातार ठिकाने बदल रहा था आरोपी: उन्होंने बताया कि प्रताप नगर थाने की टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थी. उसके छिपने के ठिकानों पर पुलिस लगातार दबिश दे रही थी. वह अपने घर से फरार चल रहा था. उसने अपने परिचितों और रिश्तेदारों के यहां फरारी काटी. तकनीकी आधार पर और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर हेड कांस्टेबल दयाराम की आरोपी को पकड़ने में अहम भूमिका रही. उसे जयपुर में सांगानेर इलाके से गिरफ्तार किया गया है. अब पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है. उससे पूछताछ में वारदात से जुड़ी कई अहम कड़ियां जुड़ने की संभावना है.
कार की टक्कर से मौत, हादसा बताने का प्रयास: डीसीपी रंजीता शर्मा ने बताया कि कोर्ट में लिपिक नीरज शर्मा की 4 जुलाई को एक कार की टक्कर से मौत हो गई थी. बेटी आयुषी और अन्य परिजनों ने इसे हादसा बताया और शव को भरतपुर जिले में अपने पैतृक गांव वमनपुरा ले गए. पुलिस को दी रिपोर्ट में नीरज शर्मा की हत्या का अंदेशा जताया. पुलिस ने गहनता से तहकीकात की तो हत्या का मामला सामने आया. पड़ताल में खुलासा हुआ कि नौकरी और प्रॉपर्टी के लालच में बेटी आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप और उसके बेटे बलराम से मिलकर हत्या की साजिश रची.
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7 लाख रुपए में सुपारी देकर करवाई हत्या: पड़ताल में यह भी सामने आया कि बलराम अपनी चाची नीरज शर्मा की हत्या की तीन महीने से साजिश रच रहा था. इस साजिश के तहत भरतपुर जिले के हेमंत शर्मा को सात लाख रुपए में सुपारी देकर हत्या की प्लानिंग की गई. हेमंत ने यह काम अन्य बदमाशों को सौंपा. उन्होंने पहले एक गाड़ी से नीरज शर्मा को कुचलकर मारने का प्रयास किया लेकिन भीड़भाड़ होने से सफल नहीं हुए. इधर, आयुषी, बलराम और मोहन स्वरूप द्वारा तंत्र-मंत्र करने के सबूत भी पुलिस को मिले हैं. अब बलराम की गिरफ्तारी के बाद इस पूरी घटना से जुड़ी कई अन्य जानकारी भी पुलिस के सामने आने की संभावना है.
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