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राजस्थान-चपरासी बनने के लिए 24 पुलिस कॉन्स्टेबल ने नौकरी छोड़ी: हेल्थ डिपार्टमेंट में करेंगे जॉइन; रेलवे, CRPF और BSF भी छोड़कर आए कैंडिडेट - Rajasthan News

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Dainik Bhaskar के अनुसार30 सितंबर 2026 को 05:04 am बजे
राजस्थान-चपरासी बनने के लिए 24 पुलिस कॉन्स्टेबल ने नौकरी छोड़ी:  हेल्थ डिपार्टमेंट में करेंगे जॉइन; रेलवे, CRPF और BSF भी छोड़कर आए कैंडिडेट - Rajasthan News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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राजस्थान-चपरासी बनने के लिए 24 पुलिस कॉन्स्टेबल ने नौकरी छोड़ी:हेल्थ डिपार्टमेंट में करेंगे जॉइन; रेलवे, CRPF और BSF भी छोड़कर आए कैंडिडेट

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लंबी ड्यूटी और ज्यादा तनाव के चलते युवा अब पुलिस की नौकरी छोड़कर चपरासी बनने को प्राथमिकता दे रहे हैं। हाल ही में प्रदेश में चपरासी के 53,749 पदों पर भर्ती हुई थी, जिनमें से 7903 पद स्वास्थ्य विभाग में थे।

हेल्थ डिपार्टमेंट में चयनित 24 कर्मियों ने पुलिस विभाग में सिपाही के पद से इस्तीफा दे दिया है। इन्हें सीएमएचओ व बीसीएमएचओ ऑफिस, सीएचसी और पीएचसी में पोस्टिंग मिली है।

चपरासी की पोस्ट पर जॉइन करने वालों में रेलवे, बीएसएफ व सीआरपीएफ छोड़कर आए कैंडिडेट भी हैं। इनका मानना है कि इस नौकरी में घर के पास तैनाती मिल सकेगी और तनाव भी कम होगा।

दावा- पारिवारिक जीवन प्रभावित हो रहा था

चपरासी भर्ती में सिलेक्ट कैंडिडेट्स का दावा है कि पुलिस में ड्यूटी का समय तय नहीं है। कानून-व्यवस्था बिगड़ने, वीआईपी मूवमेंट या अपराध की घटना पर 16 से 24 घंटे की ड्यूटी रहती है।

नाइट ड्यूटी और त्योहारों पर छुट्टी न मिलने के कारण निजी और पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है। स्वास्थ्य विभाग में ब्लॉक, सीएचसी और पीएचसी स्तर पर पोस्टिंग मिलने से कर्मचारियों को अपने गृह जिले या गांव के करीब रहने की सुविधा मिल जाती है।

जबकि पुलिस में दूरदराज जिलों और थानों में तैनाती आम है। 7वें वेतन आयोग के मुताबिक दोनों पदों की ग्रेड पे में सिर्फ 700 रुपए का अंतर है।

रेलवे और दूसरे डिपार्टमेंट से भी आए कैंडिडेट

हेल्थ डिपार्टमेंट में चपरासी की जॉइनिंग के लिए पुलिस के साथ दूसरे डिपार्टमेंट के एम्पलॉयी भी हैं। इनमें रेलवे ग्रुप-डी के 11 कर्मचारी, बीएसएफ व सीआरपीएफ के 1-1 कांस्टेबल व 1 आयकर विभाग का एमटीएस भी शामिल है।

पुलिस विभाग में त्यागपत्र की औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण इन अभ्यर्थियों ने स्वास्थ्य विभाग को कार्यग्रहण के लिए समय बढ़ाने का आवेदन दिया था, जिस पर विभाग ने इन्हें 23 नवंबर तक जॉइन करने का समय दिया है।

इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ

हेल्थ डिपार्टमेंट ने सिलेक्टेड कैंडिडेट को जॉइनिंग के लिए 23 नवंबर तक का समय दिया है। लेकिन कुछ कैंडिडेट्स का दावा है कि वे अभी जिस विभाग में हैं, वहां उनका इस्तीफा अब तक स्वीकार नहीं किया गया है।

जयसिंह मीना: ब्यावर पुलिस में कांस्टेबल हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में चयन के बाद स्वास्थ्य विभाग अलॉट किया गया। विभाग ने 10 अगस्त को पोस्टिंग जहाजपुर (भीलवाड़ा) एसडीएच में की थी। जयसिंह ने कांस्टेबल की नौकरी से त्यागपत्र दे दिया है, जो अभी स्वीकार नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने जॉइनिंग के लिए 2 माह दिया है.

राकेश माली: ब्यावर पुलिस में कांस्टेबल माली को भी स्वास्थ्य विभाग अलॉट हुआ है। विभाग ने इन्हें अजमेर की मेहरू कलां पीएचसी में पोस्टिंग दी है। इसके बाद राकेश ने कांस्टेबल की नौकरी से इस्तीफा दिया है। ये अभी तक स्वीकार नहीं हुआ है। उन्हें चपरासी पद पर जॉइनिंग के लिए 2 माह का समय मिला है।

तेजराज सिंह: कोटा पुलिस में कांस्टेबल हैं। चपरासी की पोस्ट पर सिलेक्ट होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इनकी पोस्टिंग कोटा के इटावा इलाके की ढिपरी चंबल पीएचसी में की है। कांस्टेबल की नौकरी से उनका इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं हुआ है।

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