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बीसलपुर सहित राजस्थान के 23 प्रमुख बांध खाली, क्या सितंबर में मानसून के आखिरी दौर में होगा चमत्कार?

राजस्थान में मानसून की सुस्ती के कारण प्रदेश के कई प्रमुख बांध अभी भी खाली पड़े हैं। बीसलपुर बांध भी डेढ़ मीटर खाली है, जिसमें पिछले सात दिनों से पानी की आवक नगण्य रही। आगे जानिए मानसून की बेरुखी के बाद प्रदेश के बांधों…

Navbharat Times के अनुसार27 अगस्त 2026 को 12:24 am बजे
बीसलपुर सहित राजस्थान के 23 प्रमुख बांध खाली, क्या सितंबर में मानसून के आखिरी दौर में होगा चमत्कार?

सौजन्य से:- Navbharat Times

राजस्थान में मानसून की सुस्ती के कारण प्रदेश के कई प्रमुख बांध अभी भी खाली पड़े हैं। बीसलपुर बांध भी डेढ़ मीटर खाली है, जिसमें पिछले सात दिनों से पानी की आवक नगण्य रही। आगे जानिए मानसून की बेरुखी के बाद प्रदेश के बांधों का क्या हाल है।

जयपुर: राजस्थान में इस बार मानसून की बेरुखी प्रदेश के जलस्त्रोतों को काफी प्रभावित कर रही है, जो भविष्य के लिए चिंताजनक हो सकती है। इस बार मानसून सुस्त होने के कारण अभी 23 प्रमुख बांध खाली पड़े हैं। इनमें सबसे प्रमुख राजधानी जयपुर की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध भी शामिल है, जो अभी भी डेढ़ मीटर खाली है। इस बांध में पिछले 7 दिनों पानी की आवक नगण्य रही, जो चिंताजनक है। आंकड़ों पर नजर डाले, तो राजस्थान के 23 बांधों में इस बार औसत 64 प्रतिशत ही पानी ही संग्रहित हो पाया है। ऐसे में अब केवल सितंबर तक राज्य में सक्रिय रहने वाले मानसून पर ही आस टिक गई है। इस रिपोर्ट के जरिए जानिए प्रदेश के बांधों का हाल।

मौसम सुस्त रहने के चलते क्या भरेंगे बांध?

प्रदेश में मानसून सीजन का करीब 70 दिन का समय बीत चुका है। औसत से कम बारिश होने के कारण प्रदेश की 23 बांध अभी खाली पड़े हैं। अब लोगों के जेहन में सवाल उठने लगे हैं कि इस स्थिति में क्या बांध भर सकेंगे? एक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रदेश के बांधों में औसत 64 प्रतिशत ही पानी संग्रहित हो पाया है। बता दें कि प्रदेश में यूं तो सितंबर तक मानसून का सीजन माना जाता है, लेकिन मौसम विभाग को आगामी दिनों में मानसून का जो मिजाज दिखने के संकेत मिले है, उससे इन बांधों के भरने पर संशय दिखाई दे रहा है। ऐसी स्थिति में यदि सितंबर तक सक्रिय रहने वाले इस मानसून का कोई 'चमत्कार' होता है, तो ही यह बांध भर पाएंगे।

बीसलपुर बांध में 7 दिनों तक पानी की आवक रही नगण्य

बीसलपुर बांध राजस्थान के प्रमुख बांधों में शामिल है, क्योंकि इस बांध पर राजस्थान की राजधानी जयपुर के लोगों की प्यास टिकी हुई है। इस बार मानसून सुस्त होने और अगस्त माह बीतने के कगार पर है। यह बांध अभी भी डेढ़ मीटर खाली है। बांध की पूर्ण भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है, लेकिन अभी वर्तमान में बुधवार को सुबह 6 बजे का लेटेस्ट जलस्तर 314.09 आरएल मीटर दर्ज किया गया है। 19 अगस्त से 25 अगस्त तक बांध में पानी की आवक नगण्य रही। 19 अगस्त को जलस्तर 314.05 था, लेकिन बुधवार को जाकर जल स्तर में बढ़ोतरी देखी गई। सात दिनों बाद जाकर बांध में 4 सेमी पानी आया। बता दें कि इससे पहले बीसलपुर बांध अधिकांश बार अगस्त महिने में ही लबालब हुआ है।

प्रदेश के बांधों की यह स्थिति

प्रदेश के प्रमुख बांधों की स्थिति पर नजर डाली जाए, तो इनमें राणा प्रताप सागर अपनी पूरी भराव क्षमता के मुकाबले 70.82, जवाहर सागर 70.62, माही बजाज 58.54, बीसलपुर 73.98, कोटा बैराज 96.59 और ईसरदा बांध 41.22 प्रतिशत भरा हुआ है। वहीं एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 693 बांध हैं। इनमें 43 बांध लबालब होकर ओवरफ्लो हुए हैं। जबकि अभी भी 205 बांध पूरी तरह खाली है। इसी तरह 445 बांध आंशिक रूप से भरे हुए हैं।

यहां जानिए संभाग वार बांधों के भराव की स्थिति

प्रदेश में कुल छोटे-मोटे 693 बांध है। इनमें जयपुर संभाग की बात करें, तो 186 बांध में कल 55.93 प्रतिशत पानी ही संग्रहित हो पाया है। इसी तरह भरतपुर के 68 बांधों में 46.41, जोधपुर में 117 बांधों में 18.10, कोटा में 81 बांधों में 70.93, बांसवाड़ा में 63 बांधों में 98.24 और उदयपुर में 178 बांधों में 44.49 प्रतिशत ही पानी संग्रहित हो पाया है।

लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।

राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।

पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत

पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें

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