'22 जिलों में सूखा, मनरेगा Vs वीबी-जी रामजी पर बोले अशोक गहलोत, प्रतापगढ़ में किए सरकार पर कटाक्ष
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र और राज्य सरकार पर ग्रामीण रोजगार गारंटी के मूल ढांचे को कमजोर करने का सीधा आरोप लगाया है। प्रतापगढ़ में कांग्रेस की 'जन आक्रोश यात्रा' के तहत आयोजित एक विशाल जनसभा को सं…

सौजन्य से:- Navbharat Times
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र और राज्य सरकार पर ग्रामीण रोजगार गारंटी के मूल ढांचे को कमजोर करने का सीधा आरोप लगाया है। प्रतापगढ़ में कांग्रेस की 'जन आक्रोश यात्रा' के तहत आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए गहलोत ने सरकार पर निशाना साधा।
जयपुर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र और राज्य सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम ( मनरेगा ) के तहत पहले लागू रोजगार गारंटी ढांचे को खत्म कर ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को अधिकारियों से सूखा राहत कार्यों की तत्काल तैयारी शुरू करने का आग्रह किया। प्रतापगढ़ में कांग्रेस की 'जन आक्रोश यात्रा' के तहत आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी ने राज्य और देशभर के लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस नीत सरकार के दौरान लागू मनरेगा ने ग्रामीणों को 100 दिन के रोजगार की मांग करने का कानूनी अधिकार दिया था।
22 जिलों में सूखे की खतरे पर जताई चिंता
गहलोत ने कहा, 'मनरेगा रोजगार की गारंटी थी। इसमें किसी से खैरात मांगने की जरूरत नहीं थी।' उन्होंने आरोप लगाया कि अब इस योजना को बंद कर दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राजस्थान के 22 जिलों में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो गई है और समय पर कदम नहीं उठाए गए तो हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि सूखे की स्थिति में पशुओं के लिए चारे, लोगों और पशुओं के लिए पेयजल तथा ग्रामीणों के लिए रोजगार की समस्या पैदा होगी। गहलोत ने कहा, 'अगर मनरेगा होता तो सूखा पड़ने की स्थिति में भी इतनी परेशानी नहीं होती, क्योंकि लोगों को इसके तहत काम मिल सकता था।' नयी ग्रामीण रोजगार योजना 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) की गारंटी' (वीबी-जी रामजी) का जिक्र करते हुए गहलोत ने इसमें किए गए बदलावों की आलोचना की।
गहलोत ने सरकार पर साधा निशाना
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'इसमें भगवान राम का नाम क्यों ला रहे हो? राम के नाम को क्यों बदनाम कर रहे हो?' उन्होंने दावा किया कि नयी व्यवस्था के तहत राज्य का वित्तीय योगदान पहले के 10 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत हो जाएगा, जिससे राजस्थान पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। गहलोत ने राज्य सरकार से सूखा राहत कार्य शुरू करने की तत्काल तैयारी करने तथा लोगों और पशुओं के लिए पेयजल एवं चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'हम विपक्ष में हैं और सरकार पर केवल दबाव बना सकते हैं। हम दबाव बना रहे हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में न तो लोगों की समस्याओं को लेकर पर्याप्त चिंता दिखाई दे रही है और न ही प्रभावी शासन नजर आ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि यदि समय पर सूखा राहत कार्य शुरू नहीं किए गए और चारे की व्यवस्था नहीं हुई तो बड़ी संख्या में पशुओं की मौत हो सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और सरकार पर समय रहते आवश्यक कदम उठाने के लिए दबाव बनाएगी।
लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।
विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।
पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें
कन्वर्सेशन शुरू करें
Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

जयपुर जा रही रोडवेज में घुसी खीरे लदी पिकअप, इंजन डैमेज - Sriganganagar News

चार्टर प्लेन से जयपुर पहुंचीं बिरला परिवार की निर्मला बिरला: एयरपोर्ट पर ग्रुप के प्रतिनिधियों ने किया स्वागत, कोलकाता से आईं है शहर - Jaipur News

राजस्थान में 40 हजार की रिश्वत लेते पुलिसकर्मी समेत दो गिरफ्तार


