होमकृषिराजस्थान में मानसून फिर एक्टिव, 20 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट; दो बांध छलके, कई रपट डूबीं
कृषि

राजस्थान में मानसून फिर एक्टिव, 20 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट; दो बांध छलके, कई रपट डूबीं

राजस्थान में मानसून फिर एक्टिव, 20 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट; दो बांध छलके, कई रपट डूबीं राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय है। 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। कई बांधों के गेट खोले गए, दो बांध छलके और नदियों की रपटे…

Amar Ujala के अनुसार6 सितंबर 2026 को 02:33 am बजे
राजस्थान में मानसून फिर एक्टिव, 20 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट; दो बांध छलके, कई रपट डूबीं

सौजन्य से:- Amar Ujala

राजस्थान में मानसून फिर एक्टिव, 20 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट; दो बांध छलके, कई रपट डूबीं

राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय है। 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। कई बांधों के गेट खोले गए, दो बांध छलके और नदियों की रपटें डूबीं।

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या

वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

विस्तार

जयपुर। राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शनिवार को जयपुर समेत कई जिलों में दिनभर बारिश हुई। आज भी 20 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। लगातार बारिश के कारण कई नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। सवाई माधोपुर, बारां, बूंदी और कोटा में कई जगह नदी की रपट डूब गईं। बारिश के कारण पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में दिन के तापमान में 6 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। जयपुर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, दौसा और सवाई माधोपुर समेत कई जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। इससे दिन में भी मौसम ठंडा हो गया। मौसम विभाग के अनुसार बारिश का दौर 8 सितंबर तक जारी रह सकता है। इसके बाद करीब एक सप्ताह तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम रहने की संभावना है।

खंडार में 102 MM बारिश, कई जिलों में 3 इंच तक पानी

पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश सवाई माधोपुर के खंडार में 102 MM दर्ज की गई। करौली, भरतपुर और अलवर के कई इलाकों में करीब 3 इंच तक बारिश हुई। अजमेर, बारां, बूंदी, दौसा, धौलपुर, करौली, टोंक, सीकर, कोटा और भीलवाड़ा के कई इलाकों में 1 से 2 इंच तक बारिश दर्ज की गई।

कई बांधों के गेट खोले, दो बांध छलके

लगातार बारिश के बाद कई बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। भरतपुर के बंध बारैठा बांध के 2 गेट, धौलपुर के पार्वती बांध के 2 गेट, झालावाड़ के कालीसिंध बांध के 3 गेट और कोटा के नवनेरा बांध के 7 गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। वहीं, धौलपुर का रामसागर डैम और सवाई माधोपुर का मानसरोवर बांध ओवरफ्लो होकर छलक गया।

यह भी पढें- राजस्थान: शेखावाटी की 14 ऐतिहासिक हवेलियां यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल, विश्व धरोहर बनने की बढ़ी उम्मीद

नदियों का जलस्तर बढ़ा, कई रपट डूबीं

बारिश के कारण सवाई माधोपुर, बारां, बूंदी और कोटा के कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया। नदियों पर बनी कई रपट पानी में डूब गईं। ग्रामीण क्षेत्रों में रास्ते बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारां में कई नदियों का पानी बढ़ गया है। कुछ ग्रामीण इलाकों में रास्ता बंद होने के बावजूद लोग जोखिम लेकर नदी पार करते नजर आए।

पूर्वी राजस्थान में ठंडक, पश्चिमी हिस्से में गर्मी

पूर्वी राजस्थान में लगातार दो दिन से बारिश होने के कारण तापमान सामान्य से करीब 6 डिग्री नीचे पहुंच गया। कई जिलों में दिन का तापमान 30 डिग्री से भी कम रहा। इससे सुबह-शाम के साथ दिन में भी ठंडक महसूस हो रही है। इसके उलट पश्चिमी राजस्थान में सितंबर में भी गर्मी का असर बना हुआ है। यहां कई जिलों में दिन का तापमान 35 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया।

आज जयपुर-भरतपुर में भारी बारिश की संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार वेलमार्क लो-प्रेशर सिस्टम अभी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा के आसपास सक्रिय है। इसके असर से रविवार को जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं कोटा संभाग में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 7 सितंबर से मौसम तंत्र का असर कमजोर होने लगेगा और बारिश में कमी आएगी। 8 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां काफी कम होने की संभावना है। इसके बाद करीब एक सप्ताह तक बारिश का दौर कमजोर रह सकता है।

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें