जानिए राजस्थान के बंबोरा में चल रही आयुर्वेदिक अभियान का सूत्रपात, जानिए क्या है इसका खास,
राजस्थान के उदयपुर जिले में बंबोरा में आयुर्वेदिक अभियान चल रहा है, जिसमें 120 हेल्थ फ्रेंड्स 20 हजार लोगों को बीमार होने से बचा रहे हैं।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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उदयपुर में घर-घर जाकर जांच कर रहे:20 हजार को निरोगी बना रहे 120 हेल्थ फ्रेंड, समय पर इलाज से जल्द स्वस्थ हो रहे हैं लोग
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राजस्थान के उदयपुर में अनोखी स्वास्थ्य क्रांति चल रही है। यहां 120 हेल्थ फ्रेंड 20 हजार लोगों को बीमार होने से बचा रहे हैं। वे लोगों के घर जाकर पूरे परिवार का टायफाइड, मलेरिया, डेंगू, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन और प्रेग्नेंसी जैसी प्राथमिक
इन हेल्थ फ्रेंड्स को तैयार किया है उदयपुर के बंबोरा ब्लॉक स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर के प्रभारी चिकित्सक डॉ. सोहनलाल मेघवाल ने। इन्होंने स्थानीय युवाओं को ट्रेनिंग देकर 60 आरोग्य मित्र और 60 आरोग्य सखी बनाए हैं। इन्हें किसी तरह का कोई मानदेय नहीं मिलता। विभाग की तरफ से इन्हें विभागीय पहचान पत्र (आईडी) दी गई है, ताकि लोग इनपर भरोसा कर सकें। इसे लेकर वे नियमित रूप से घर-घर दस्तक दे रहे हैं। बम्बोरा के समीप गुड़ली गांव के भगाराम मीणा कहते हैं- दो माह पहले पहाड़ से गिर गया था। अस्पताल ले जाने वाला कोई नहीं था। एक आयुष सखी ने उन्हें नियमित घर आकर दवाई दी है।
8वीं से ऊपर के छात्रों को ट्रेनिंग देकर बनाया हेल्थ फ्रेंड
बंबोरा आयुष्मान आरोग्य मंदिर ने स्थानीय स्कूल और पंचायत के सहयोग से ग्रामीण युवाओं को चिह्नित कर हेल्थ फ्रेंड बनने के लिए तैयार किया। इसमें 9वीं से 12वीं के छात्र, कॉलेज विद्यार्थी और 40-45 वर्ष के कुछ जागरूक लोग शामिल हैं। इन्हें स्वास्थ्य केंद्र पर बीपी, शुगर, हीमोग्लोबिन जांचने और प्राथमिक स्वास्थ्य मापदंडों की ट्रेनिंग दी गई। योग और आयुर्वेदिक उपचार की प्राथमिक ट्रेनिंग के साथ ही रोग के लक्षण पहचानना भी सिखाया गया।
महिलाओं में थायराइड की जल्दी पहचान हो रही
बंबोरा आरोग्य मंदिर के प्रभारी चिकित्सक डॉ. सोहनलाल मेघवाल बताते हैं कि हर 15 दिन में चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाते हैं। इस मॉडल से इलाज ज्यादा प्रभावी हुआ है। खासतौर पर महिलाओं में थायराइड और बुजुर्गों की बीमारियों की मॉनिटरिंग में यह मॉडल सबसे ज्यादा कारगर रहा है। आरोग्य मित्र और सखियों के घर-घर जाने से टायफाइड, मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियां समय पर डायग्नोज हो रही हैं और जल्द इलाज मिलने से लोग जल्दी स्वस्थ हो रहे हैं। गांव-ढाणियों में जहां डॉक्टर मौजूद नहीं हैं वहां लोग आपातस्थिति में प्राथमिक इलाज कर पा रहे हैं।
इस मॉडल को जल्द ही हम दूसरी जगहों पर लागू करेंगे
आयुष्मान आरोग्य मंदिर में जिले के 5 अस्पताल तय किए गए थे। इसमें से बंबोरा एक है, जिसने युवाओं की टीम बनाई है। बीमारियां ही नहीं नशा मुक्ति में भी मदद मिल रही है। इस मॉडल को जल्द ही हम दूसरे आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी लागू करेंगे।- डॉ भानु कुमार जैन, सहायक निदेशक, आयुर्वेद विभाग, उदयपुर
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