प्रदेश के 17 जिलों में सूखे की आहट, गहलोत बोले- संकट से पहले तैयारी करे सरकार
प्रदेश के 17 जिलों में सूखे की आहट, गहलोत बोले- संकट से पहले तैयारी करे सरकार राजस्थान में मानसून की बेरुखी से सूखे का संकट, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सरकार को चेताया. Published : August 29, 2026 at 11:56 AM IST जयपुर : प…

सौजन्य से:- ETV Bharat
प्रदेश के 17 जिलों में सूखे की आहट, गहलोत बोले- संकट से पहले तैयारी करे सरकार
राजस्थान में मानसून की बेरुखी से सूखे का संकट, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सरकार को चेताया.
Published : August 29, 2026 at 11:56 AM IST
जयपुर : प्रदेश में मानसून की बेरुखी ने आने वाले दिनों को लेकर चिंता बढ़ा दी है. सावन बीतने के साथ ही प्रदेश में बारिश का दौर कमजोर पड़ने और भादो में भी पर्याप्त बारिश की कम उम्मीद के बाद प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार को इस मामले में सतर्क रहने की सलाह दी है. गहलोत ने कहा कि राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के 17 जिलों में सूखे के हालात जैसे बनते दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में सरकार को इंतजार करने की बजाय अभी से ही व्यापक तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए.
पूर्व मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रदेश की कई हिस्सों में बारिश की कमी चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है. पाली, जालौर, बांसवाड़ा, जैसलमेर, उदयपुर में सामान्य से 40 से 55% तक कम बारिश दर्ज होना आने वाले संकट का संकेत है. अगर जल्द ही बारिश नहीं हुई तो इसका असर सीधे खेत, किसान, मजदूर, पेयजल और पशुधन पर पड़ सकता है. गहलोत ने कहा कि सबसे ज्यादा नुकसान किसान और श्रमिक वर्ग को उठाना पड़ सकता है, बारिश की कमी से फसलों की स्थिति प्रभावित हो गई है. खेतों में उत्पादन के साथ-साथ मजदूरों के लिए रोजगार के अवसर भी काम हो सकते हैं.
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सावन बीतने के साथ ही राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ गया है और भादों में भी बारिश की उम्मीद क्षीण नजर आ रही है। राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के 17 जिलों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) August 29, 2026
पाली, जालोर, बांसवाड़ा, जैसलमेर और उदयपुर जैसे जिलों में सामान्य से 40 से 55 प्रतिशत तक कम बारिश…
इंदिरा रसोई और मनरेगा का संकट में बनी थी सहारा : पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के समय शुरू हुई मनरेगा और इंदिरा रसोई जैसी योजनाएं मुश्किल समय में गरीब, किसान और मजदूर वर्ग के लिए बड़ा सहारा बनी थी. वर्तमान परिस्थितियों में भी सरकार को गरीबों और श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा और रोजगार की योजनाओं को पूरी ताकत से लागू करना चाहिए. गहलोत ने विशेष रूप से मनरेगा और शहरी रोजगार गारंटी योजना को मजबूत करने की मांग की ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराई जा सके और कमजोर वर्ग की आय पर पड़ने वाले संभावित असर को काम किया जा सके.
गहलोत ने सरकार से खाद्यान्न भंडारण बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि संकट गहराने से पहले ही पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाना चाहिए. जिन इलाकों में बारिश की कमी अधिक है, वहां पेयजल आपूर्ति की विशेष निगरानी की जाए. गांव और कस्बों में पानी की उपलब्धता प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तैयार रखिए ताकि आमजन को गर्मी और पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़े.
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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखे की स्थिति केवल इंसानों के लिए चुनौती ही नहीं बल्कि पशुधन भी इससे प्रभावित होता है. बारिश कम होने पर की उपलब्धता संकट में आ सकती है. ऐसे में सरकार को पशु चारे के भंडारण और उपलब्धता पर भी ध्यान देना चाहिए. गहलोत ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री समय रहते हुए अधिकारियों और संबंधित विभागों की समीक्षा कर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे जिससे आने वाले दिनों में प्रदेश की जनता, किसानों, मजदूरों और पशुपालकों किसी बड़े संकट का सामना नहीं करना पड़े.
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