आनासागर झील की बदहाली पर अजमेर बंद: 100 करोड़ से ज्यादा का व्यापार प्रभावित, दुकानें खत्म होती हाई-सecurity
आनासागर झील की बदहाली के विरोध में अजमेर शहर 11 घंटे तक बंद रहा। कांग्रेस के आह्वान पर शहर में दुकानें बंद हो गईं और 100 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार प्रभावित हुआ। बंद के दौरान पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए।

सौजन्य से:- Hindustan
आनासागर झील की बदहाली पर अजमेर बंद; 100 करोड़ से ज्यादा के बिजनेस पर असर
बंद के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर को अलग-अलग जोन में बांटकर बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराया। कई स्थानों पर ई-रिक्शा का संचालन भी रुकवाया गया। निजी बैंकों और कुछ पेट्रोल पंपों पर भी बंद का असर दिखाई दिया।
अजमेर आनासागर झील की बदहाल स्थिति और बड़ी संख्या में मछलियों की मौत के विरोध में शहर कांग्रेस के आह्वान पर गुरुवार को अजमेर 11 घंटे तक बंद रहा। सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक चले बंद का असर पूरे शहर में देखने को मिला। प्रमुख बाजार, निजी स्कूल-कॉलेज और अधिकांश व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। व्यापारिक संगठनों का दावा है कि बंद के कारण शहर में 100 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ।
बंद के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर को अलग-अलग जोन में बांटकर बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराया। कई स्थानों पर ई-रिक्शा का संचालन भी रुकवाया गया। निजी बैंकों और कुछ पेट्रोल पंपों पर भी बंद का असर दिखाई दिया। हालांकि प्रशासन ने पहले से ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे।
दरगाह आने वाले जायरीन को हुई परेशानी
अजमेर बंद का सबसे अधिक असर ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत के लिए आने वाले जायरीन पर पड़ा। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से दरगाह तक पहुंचने के लिए उन्हें परिवहन सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर ई-रिक्शा और टैम्पो बंद रहने से यात्रियों को पैदल जाना पड़ा या वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।
रेलवे स्टेशन के बाहर सवारियों से भरे कुछ टैम्पो और ई-रिक्शा को भी रोककर यात्रियों को उतारने की घटनाएं सामने आईं, जिससे लोगों को असुविधा हुई।
बाजार पूरी तरह रहे बंद
बंद का असर शहर के लगभग सभी प्रमुख बाजारों में देखने को मिला। नया बाजार, चूड़ी बाजार, दिल्ली गेट, दरगाह बाजार, मदार गेट, दिग्गी बाजार सहित अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में दोपहर बाद तक दुकानें बंद रहीं। दोपहर 3 बजे तक भी अधिकांश बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
शहर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष महेंद्र बंसल ने बताया कि करीब 11 घंटे तक व्यापार पूरी तरह ठप रहा। उनके अनुसार इस बंद के कारण 100 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है।
शाम 5 बजे बाद खुली दुकानें
कांग्रेस के घोषित कार्यक्रम के अनुसार शाम 5 बजे बंद समाप्त होने के बाद शहर के बाजार धीरे-धीरे खुलने लगे। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खोले और सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू हो गईं। पूरे दिन बंद रहने के बाद शाम को बाजारों में चहल-पहल लौटती दिखाई दी।
1000 से अधिक पुलिसकर्मी रहे तैनात
बंद के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर शहरभर में 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
सिटी एएसपी हिमांशु जांगिड़ ने पूरे बंद की मॉनिटरिंग की। सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त और निगरानी के निर्देश दिए गए। एएसपी और सीओ स्तर के अधिकारी भी पूरे दिन फील्ड में मौजूद रहे। संवेदनशील इलाकों और प्रमुख बाजारों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे बंद के दौरान कानून-व्यवस्था सामान्य बनी रही।
आवश्यक सेवाओं को रखा गया बंद से अलग
शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने बताया कि बंद के संचालन और समन्वय के लिए जिला कांग्रेस कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया था। उन्होंने कहा कि आम लोगों को आवश्यक सुविधाओं से वंचित न होना पड़े, इसलिए अस्पताल, मेडिकल स्टोर और एम्बुलेंस जैसी जरूरी सेवाओं को बंद से पूरी तरह मुक्त रखा गया।
इधर, बंद को देखते हुए शहर के कई निजी स्कूलों और कॉलेजों ने अभिभावकों को पहले ही संदेश भेजकर अवकाश घोषित कर दिया था, जिससे विद्यार्थियों को स्कूल नहीं बुलाया गया।
आनासागर झील के मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन
कांग्रेस का कहना है कि आनासागर झील की बिगड़ती स्थिति, झील में फैली दुर्गंध, मछलियों की मौत और प्रशासन की कथित लापरवाही के विरोध में यह शहर बंद आयोजित किया गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि लंबे समय से झील की सफाई और संरक्षण को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, जिसके कारण हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि झील के संरक्षण और प्रदूषण रोकने के लिए जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं बंद समाप्त होने के बाद शहर में सामान्य जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियां फिर से पटरी पर लौट आईं।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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