SIR में कट गया था नाम तो अब मौका; राजस्थान के स्कूल-कॉलेजों में चलेगा खास अभियान
SIR में कट गया था नाम तो अब मौका; राजस्थान के स्कूल-कॉलेजों में चलेगा खास अभियान भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद राजस्थान में मतदाता सूची के अपडेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके तहत ऐसे लोगों को नाम जुड़वाने का…

सौजन्य से:- Hindustan
SIR में कट गया था नाम तो अब मौका; राजस्थान के स्कूल-कॉलेजों में चलेगा खास अभियान
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद राजस्थान में मतदाता सूची के अपडेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके तहत ऐसे लोगों को नाम जुड़वाने का मौका मिलेगा, जिनके नाम SIR के दौरान मतदाता सूची से हट गए थे।
राजस्थान में SIR के दौरान वोटर लिस्ट से नाम कटने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मतदाता सूची से बाहर हुए वोटर्स के नाम अब दोबारा जोड़े जाएंगे। इसके साथ ही वे नए वोटर्स भी अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज करा सकेंगे, जो पहली बार आवेदन करने के बावजूद नाम नहीं जुड़वा पाए थे। इसके लिए निर्वाचन आयोग की ओर से इसी महीने से ‘विशेष नाम जोड़ो’ अभियान शुरू किया जाएगा।
सबसे अहम बात यह है कि इस बार नाम जुड़वाने की प्रक्रिया पहले की SIR प्रक्रिया से अलग होगी। वोटर्स को साल 2003 या उससे पुरानी मतदाता सूची में माता-पिता या दादा-दादी का नाम, भाग संख्या जैसी जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी। यानी SIR के दौरान जिन दस्तावेजों या पुरानी मतदाता सूची की जानकारी के कारण कई लोगों के नाम अटक गए थे, अब उनके लिए प्रक्रिया आसान हो सकती है।
SIR में नाम कटने के बाद अब क्या होगा?
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद राजस्थान में मतदाता सूची के अपडेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके तहत ऐसे लोगों को नाम जुड़वाने का मौका मिलेगा, जिनके नाम SIR के दौरान मतदाता सूची से हट गए थे।
इसके अलावा 18 साल की उम्र पूरी कर चुके नए वोटर्स भी अपना नाम जुड़वा सकेंगे। कॉलेज और स्कूलों में विशेष अभियान चलाकर युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ने की प्रक्रिया की जाएगी। वोटर्स अपने क्षेत्र के BLO यानी बूथ लेवल ऑफिसर से संपर्क करके भी नाम जुड़वाने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
2003 की वोटर लिस्ट बनी थी सबसे बड़ी अड़चन
SIR के दौरान वोटर्स से साल 2003 या उससे पुरानी मतदाता सूची में अपना या माता-पिता और दादा-दादी का नाम, भाग संख्या समेत दूसरी जानकारियां मांगी गई थीं। जिन लोगों के पास यह जानकारी उपलब्ध नहीं थी, उनके सामने नाम बचाए रखने की प्रक्रिया मुश्किल हो गई थी।
खासकर ऐसे परिवारों को परेशानी हुई, जिनके पुराने दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे या जिन्हें 2003 की मतदाता सूची में अपने परिवार के सदस्यों का नाम और भाग संख्या तलाशने में दिक्कत आई। इसी वजह से कई ऐसे लोग भी अंतिम मतदाता सूची से बाहर हो गए, जिनका नाम पहले से वोटर लिस्ट में दर्ज था।
पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं में भी कई ऐसे थे, जो प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। अब इन लोगों के लिए दोबारा नाम जुड़वाने का रास्ता खुलेगा।
जयपुर में 3.88 लाख से ज्यादा नाम हटे
SIR के दौरान जयपुर जिले में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। आंकड़ों के मुताबिक जयपुर जिले से 3 लाख 88 हजार 268 वोटर्स के नाम हटे हैं।
फरवरी में जारी अंतिम मतदाता सूची के मुताबिक जयपुर जिले की 17 विधानसभा सीटों में अब कुल 44 लाख 35 हजार 111 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 23 लाख 4 हजार 523 पुरुष, 21 लाख 30 हजार 509 महिला और 79 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।
अब स्कूल-कॉलेज से लेकर BLO तक चलेगा अभियान
निर्वाचन आयोग की नई प्रक्रिया में नाम जोड़ने के लिए अलग-अलग स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। स्कूल-कॉलेजों में विशेष कैंप लगाकर नए मतदाताओं को जोड़ा जाएगा। वहीं जिन लोगों के नाम SIR के दौरान कट गए हैं, वे भी अपने क्षेत्र के BLO से संपर्क कर सकेंगे।
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