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SDM थप्पड़कांड में नरेश मीणा को फिर जेल: नगरफोर्ट थाने में किया था सरेंडर; 13 जुलाई को रद्द हुई थी जमानत - Tonk News

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Dainik Bhaskar के अनुसार7 अगस्त 2026 को 05:15 am बजे
SDM थप्पड़कांड में नरेश मीणा को फिर जेल:  नगरफोर्ट थाने में किया था सरेंडर; 13 जुलाई को रद्द हुई थी जमानत - Tonk News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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SDM थप्पड़कांड में नरेश मीणा को फिर जेल:नगरफोर्ट थाने में किया था सरेंडर; 13 जुलाई को रद्द हुई थी जमानत

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एसडीएम थप्पड़कांड केस में टोंक एससी/एसटी कोर्ट ने नरेश मीणा को फिर जेल भेज दिया। नरेश मीणा ने गुरुवार दोपहर नगरफोर्ट थाने में सरेंडर किया था। अब उनकी जमानत याचिका पर 10 अगस्त को सुनवाई होगी।

दरअसल, एसडीएम को थप्पड़ मारने के केस में नरेश मीणा को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी, लेकिन शर्तों के उल्लघंन के चलते एससी-एसटी कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को उनकी जमानत रद्द कर दी थी।

सरेंडर से पहले नरेश मीणा ने कहा-

मेरे खिलाफ लगाया गया हत्या के प्रयास (आईपीसी धारा 307) का मामला गलत है। थप्पड़ मारने की घटना में सामान्य धाराएं लगनी चाहिए थीं। मैं SDM को पहले से जानता भी नहीं था। घटना का वीडियो भी सार्वजनिक है। हाईकोर्ट ने मेरे खिलाफ धारा 307 के तहत चल रहे ट्रायल पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद मुझे जेल भेजा जा रहा है।

सबसे पहले- सरेंडर से जुड़ी नरेश मीणा की PHOTOS

हाईवे पर जगह-जगह स्वागत, नारेबाजी की

इससे पहले सरेंडर के लिए नरेश मीणा गुरुवार सुबह 10.30 बजे समर्थकों के साथ जयपुर से टोंक के नगरफोर्ट पहुंचे थे। जयपुर-कोटा हाईवे पर जगह-जगह उनके समर्थकों की भीड़ मौजूद रही। समर्थकों ने नारेबाजी की और उनका फूल-माला से स्वागत किया गया।

नरेश मीणा को सरेंडर के बाद 20 मिनट तक थाने में रखा गया। इसके बाद में कड़ी सुरक्षा के बीच एससी/एसटी कोर्ट टोंक ले गए। जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने जेल भेजने का फैसला सुनाया।

नरेश के सरेंडर के चलते नगरफोर्ट में पुलिस तैनात रही। एडीएम विनोद कुमार मीणा ने बताया- टोंक, देवली और नगरफोर्ट में मजिस्ट्रेट तैनात किए थे। टोंक, देवली और उनियारा क्षेत्र में धारा 163 (भीड़ पर पाबंदी) लगाई गई।

अब जानिए- क्या था पूरा मामला

13 नवंबर 2024: देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव में समरावता गांव के लोगों ने उनियारा उपखंड में शामिल करने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था। निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा भी ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे थे। आरोप है कि जबरन तीन लोगों से मतदान कराने का विरोध करते हुए नरेश मीणा ने तत्कालीन एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था।

14 नवंबर 2024: पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से गिरफ्तार किया और 15 नवंबर को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया। इस मामले में 60 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। नरेश मीणा को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों को जमानत मिल गई थी। करीब 9 महीने बाद हाईकोर्ट ने नरेश मीणा को सशर्त जमानत पर रिहा किया था।

25 जुलाई 2025: झालावाड़ के पिपलोदी सरकारी स्कूल का कमरा गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद नरेश मीणा एसआरजी हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। नगरफोर्ट थाना पुलिस की एप्लीकेशन के बाद 13 जुलाई 2026 को SC-ST कोर्ट ने उनकी जमानत कैंसिल कर दी थी।

नरेश मीणा के सरेंडर की पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

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