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राजस्थान में मानसून की कमजोर स्थिति और खरीफ बुआई पर इसका प्रभाव

राजस्थान में मानसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर पड़ गई है, जिससे 34 जिलों में खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हुई है। 15 जुलाई के बाद मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना है।

Amar Ujala के अनुसार11 जुलाई 2026 को 04:10 am बजे
राजस्थान में मानसून की कमजोर स्थिति और खरीफ बुआई पर इसका प्रभाव

सौजन्य से:- Amar Ujala

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Rajasthan Weather : मानसून पड़ा सुस्त, 15 जुलाई से फिर रफ्तार पकड़ने के आसार; 34 जिले खरीफ बुआई में पिछड़े

Sat, 11 Jul 2026 06:46 AM IST

Sourabh Bhatt

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

Published by: Sourabh Bhatt

Updated Sat, 11 Jul 2026 06:46 AM IST

सार

Aaj Ka Mausam: राजस्थान में मानसून फिलहाल कमजोर पड़ गया है। 15 जुलाई से बारिश तेज होने की संभावना है। कम वर्षा के कारण 34 जिलों में खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हुई है।

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विस्तार

Mausam Ki Khabar: राजस्थान में मानसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर पड़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर ही रहेगा, जबकि 15 जुलाई के बाद मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। शनिवार को श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर, डीग, भरतपुर और धौलपुर में बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

पिछले 24 घंटों में चूरू में सबसे अधिक 25.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पिलानी (झुंझुनूं) में 10.1 मिमी और सीकर में 4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। अलवर और श्रीगंगानगर में भी अच्छी बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।

मानसून की धीमी रफ्तार का असर खेती पर भी दिखाई देने लगा है। राज्य के 24 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि 34 जिले खरीफ फसलों की बुआई में पिछड़ गए हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अब तक करीब 30 प्रतिशत कम बुआई हुई है।

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उधर, पश्चिमी राजस्थान में तापमान फिर बढ़ने लगा है। श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जैसलमेर और फलोदी में 39.8 डिग्री तथा बीकानेर में 39.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

यह भी पढें- Sri Ganganagar: ट्रक और कार की आमने-सामने की भिड़ंत बनी काल, भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की दर्दनाक मौत

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभागों में 16 जुलाई तक कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। वहीं बीकानेर संभाग के साथ सिरोही, उदयपुर, झालावाड़ और बारां जिलों में भी छिटपुट बारिश हो सकती है।

राजधानी जयपुर में शुक्रवार को बादलों की आवाजाही रही, लेकिन तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा। जोधपुर में बादलों और हवाओं के कारण तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम दर्ज किया गया। कोटा में बारिश नहीं होने से दिनभर उमस बनी रही, जबकि उदयपुर और अजमेर में बादल छाए रहने के बावजूद बारिश सीमित रही। अलवर में शाम को हुई झमाझम बारिश से लोगों को राहत मिली, जबकि सीकर में अब भी मानसून सामान्य से कमजोर बना हुआ है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले चार-पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां सीमित रहेंगी, लेकिन 15 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी से नमी बढ़ने के साथ मानसून फिर सक्रिय हो सकता है, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

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पिछले 24 घंटों में चूरू में सबसे अधिक 25.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पिलानी (झुंझुनूं) में 10.1 मिमी और सीकर में 4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। अलवर और श्रीगंगानगर में भी अच्छी बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।

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मानसून की धीमी रफ्तार का असर खेती पर भी दिखाई देने लगा है। राज्य के 24 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि 34 जिले खरीफ फसलों की बुआई में पिछड़ गए हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अब तक करीब 30 प्रतिशत कम बुआई हुई है।

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उधर, पश्चिमी राजस्थान में तापमान फिर बढ़ने लगा है। श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जैसलमेर और फलोदी में 39.8 डिग्री तथा बीकानेर में 39.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

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मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभागों में 16 जुलाई तक कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। वहीं बीकानेर संभाग के साथ सिरोही, उदयपुर, झालावाड़ और बारां जिलों में भी छिटपुट बारिश हो सकती है।

राजधानी जयपुर में शुक्रवार को बादलों की आवाजाही रही, लेकिन तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा। जोधपुर में बादलों और हवाओं के कारण तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम दर्ज किया गया। कोटा में बारिश नहीं होने से दिनभर उमस बनी रही, जबकि उदयपुर और अजमेर में बादल छाए रहने के बावजूद बारिश सीमित रही। अलवर में शाम को हुई झमाझम बारिश से लोगों को राहत मिली, जबकि सीकर में अब भी मानसून सामान्य से कमजोर बना हुआ है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले चार-पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां सीमित रहेंगी, लेकिन 15 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी से नमी बढ़ने के साथ मानसून फिर सक्रिय हो सकता है, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

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