Rajasthan News: सीएम भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में विकास को मिल रही गति, राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षा की निरंतरता हो रही सुनिश्चित
Chief Minister Bhajanlal Sharma (Photo: PTI) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करान…

सौजन्य से:- gnttv.com
Chief Minister Bhajanlal Sharma (Photo: PTI)
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है. इसी क्रम में जयपुर जिले के सांगानेर ब्लॉक स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामपुरा (कंवरपुरा) के जर्जर भवन के स्थान पर नवीन विद्यालय भवन के निर्माण कार्य 1 सितंबर 2026 से शुरू होगा.
नए विद्यालय भवन के लिए 18 लाख रुपए स्वीकृत
विद्यार्थियों को स्थायी एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा नवीन विद्यालय भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके लिए डीएमएफटी से 12 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति 13 अगस्त 2026 को जारी की गई है. इसके अतिरिक्त विधायक कोष से 6 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं. इस प्रकार विद्यालय के नवीन भवन के निर्माण के लिए कुल 18 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हो चुकी है. नवीन भवन का निर्माण कार्य 1 सितंबर 2026 से प्रारंभ किया जाएगा.
सर्वे के आधार पर सितंबर 2025 में भवन घोषित किया गया जर्जर
राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामपुरा (कंवरपुरा) की स्थापना वर्ष 1985 में प्राथमिक विद्यालय के रूप में हुई थी. विद्यालय भवन में पूर्व में दो कक्षा-कक्ष, बरामदा एवं शौचालय की सुविधा उपलब्ध थी. समय के साथ भवन पुराना एवं कमजोर हो गया. विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भवन का तकनीकी सर्वे कराया गया. सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सितंबर 2025 में भवन को जर्जर घोषित कर विद्यार्थियों के उपयोग से हटा दिया गया.
विद्यार्थियों के लिए गांव में ही की गई वैकल्पिक व्यवस्था
जर्जर भवन घोषित होने के बाद विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए उन्हें निकट स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बीलवा में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव किया गया था. हालांकि, ग्रामवासियों ने बच्चों की कम आयु तथा गांव से दूसरे विद्यालय तक आने-जाने में होने वाली असुविधा को देखते हुए विद्यार्थियों को गांव से बाहर भेजने पर आपत्ति व्यक्त की. स्थानीय लोगों की भावना और बच्चों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए ग्रामवासियों के सहयोग से गांव में ही तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की गई. प्रारंभिक तौर पर ग्रामवासियों ने विद्यालय संचालन के लिए दो कमरे एवं एक टीनशेड उपलब्ध करवाया, जिससे बच्चों की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रह सकी.
ग्रामीणों के सहयोग से और बेहतर हुआ वैकल्पिक भवन
विद्यालय संचालन के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने बच्चों की सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए दो कमरे एवं बरामदे वाला अधिक सुविधाजनक वैकल्पिक भवन उपलब्ध करवाया. इसके बाद विद्यालय को इस भवन में स्थानांतरित कर दिया गया. वर्तमान में विद्यालय का संचालन इसी सुरक्षित एवं सुविधाजनक वैकल्पिक भवन से सुचारु रूप से किया जा रहा है. यह व्यवस्था सरकार और स्थानीय आमजन के समन्वय की सकारात्मक मिसाल भी है, जिसमें विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षा की निरंतरता के लिए ग्रामवासियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई.
18 विद्यार्थियों के लिए दो शिक्षक उपलब्ध
वर्तमान में विद्यालय में 18 विद्यार्थी नामांकित हैं तथा उनकी शिक्षा के लिए दो शिक्षक कार्यरत हैं. सुरक्षित वैकल्पिक भवन में विद्यालय का संचालन नियमित रूप से किया जा रहा है. जर्जर भवन के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं हुई है और अब नए भवन के निर्माण के साथ उन्हें भविष्य में और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा.
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