होमक्राइमअंतरराज्यीय लुटेरी दुल्हन गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया
क्राइम

अंतरराज्यीय लुटेरी दुल्हन गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया

कोटा में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय लुटेरी दुल्हन गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके दो सदस्य मध्यप्रदेश से बिहार-झारखंड के बीच जुड़े तार हैं। लुटेरी दुल्हन गैंग का संचालन कॉरपोरेट की तरह था, जिसमें गैंग के सदस्य अकेले पुरुषों को शादी का लालच देकर पैसे और गहने चुराते थे। गैंग के आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिसमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं।

Hindustan के अनुसार19 जुलाई 2026 को 04:53 am बजे
अंतरराज्यीय लुटेरी दुल्हन गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया

सौजन्य से:- Hindustan

कोटा में अंतरराज्यीय लुटेरी दुल्हन गिरोह का पर्दाफाश

पुलिस ने तीन महिलाओं सहित लुटेरी दुलहन गैंग के आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गैंग अकेले पुरुषों से शादी का लालच देकर पैसे और गहने चुराते थे। इसका संचालन मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में किया जाता था। जिस प्रकार से गिरोह ने काम किया, वह कॉरपोरेट की तरह था।

तीन महिलाओं और पांच पुरुष गिरफ्तार मध्य प्रदेश से बिहार-झारखंड तक जुड़े तार

कोटा, एजेंसी। पुलिस ने शनिवार को लुटेरी दुलहन गैंग के आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, इसमें तीन महिलाएं शामिल हैं। यह गैंग कई राज्यों में सक्रिय था और अकेले पुरुषों को शादी का लालच देकर उनसे रुपये और गहने लेकर भाग जाता था। शिकायत मिलने पर यह कार्रवाई कोटा (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर की देखरेख में ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग' के तहत की गई।

गैंग का संचालन

शंकर के अनुसार, गैंग अकेले और अधिक उम्र के उन पुरुषों को निशाना बनाते थे, जो साथी की तलाश में होते थे। यह गैंग कॉरपोरेट की तरह काम करता था। इसके लिए कोटा की रामगंज मंडी और झारखंड के धनबाद में बातें करने वाले मध्यस्थ तैनात थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये एक से दो लाख रुपये तक के शुल्क के साथ अकेले पुरुषों को उपयुक्त दुल्हन से मिलाते थे। जिन संभावित दुल्हनों को पीड़ितों से मिलवाया जाता था, वे पहले से ही शादीशुदा होती थीं।

पुलिस की कार्रवाई

शंकर के अनुसार, नकली शादी का आयोजन होने और पैसे का लेनदेन होने के बाद रकम को तुरंत गैंग के सदस्यों के बीच बराबर-बराबर बांटा जाता था। ठगी के शिकार सांडपुर के दिनेश कुमार, हिरियाखेड़ी गांव के दिलीप सिंह ने 13 और 16 जुलाई को रामगंज मंडी से शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद जांच में झारखंड के धनबाद की लाली कुमारी, कुमारी, पूनम बाग, सुधीर कुमार और रोहित बाग को हिरासत में लिया गया। उन्होंने बताया कि झालावाड़ से उनके साथी भूरा लाल की गिरफ्तारी से स्थानीय कनेक्शन का पता चला। बाद में मध्य प्रदेश के राजगढ़ से सुरेश कुमार और बिहार के औरंगाबाद से रूपेश कुमार जैसे अन्य साथियों की गिरफ्तारी से एक अंतर-राज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ।

सामान्य प्रश्न

इस खबर पर आपकी क्या राय है?

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें