ये तबेला नहीं है... जयपुर के जर्जर प्राइमरी स्कूल पर जब घिरे अफसर तो दिया सिर चकरा देने वाला जवाब
प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर हैं, जो बीजेपी के सीनियर नेता भी हैं। साथ ही जयपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी गिरिराज पारिख हैं। मतलब, इन्हीं तीन लोगों की अहम जिम्मेदारी है कि रामपुरा कंवरपुरा प्राइमरी स्कूल में बच्चे ठ…

सौजन्य से:- Navbharat Times
प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर हैं, जो बीजेपी के सीनियर नेता भी हैं। साथ ही जयपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी गिरिराज पारिख हैं। मतलब, इन्हीं तीन लोगों की अहम जिम्मेदारी है कि रामपुरा कंवरपुरा प्राइमरी स्कूल में बच्चे ठीक से और सुरक्षित पढ़ें। मगर, इन लोगों ने ठीक से अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। जब, कॉकरोच जनता पार्टी की एंट्री हुई तो कथित तौर गांव वाले बिलबिला उठे। वैसे, सीजेपी का कहना है कि ये सभी बीजेपी के गुंडे थे।
खराब बिल्डिंग से ज्यादा तबेला कहे जाने से परेशानी
मगर, यहां बात होगी जयपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी गिरिराज पारिख की, जिनको जर्जर स्कूल से ज्यादा इस बात की आपत्ति है कि जहां बच्चे पढ़ रहे हैं, वो तबेला नहीं है। भले ही उसका करकट टूटा हुआ है, पास में ही जानवरों का चारा रखा हुआ है। मगर, उसे तबेला कहने से साहब को ऐतराज है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने सिर चकरा देने वाले जवाब दिए।उनसे सीधा सवाल पूछा गया कि कब तक इस तरह से तबेले में स्कूल चलेगा? इस पर उन्होंने कहा, 'आप कहां तबेला बोले जा रहे, उसको तबेला कहते हैं, जहां पर जानवर बंधते हैं। गांव में जो घर होते हैं ना, उस घर में आदमी भी वही रहते हैं। वहां पर टीन शेड लगाते हैं। अपने पशु भी हम लोग वहीं रखते हैं। पानी की व्यवस्था भी वहीं होती है। आप लोग कभी देखा गांव में परंडा भी वहीं होता था। ये तो लैट-बाथ वगैरह अब बनने लग गए।' मतलब, जिस स्कूल के लिए सैलरी मिलती है, उससे ज्यादा जानकारी ये तबेले के बारे में रखते हैं।
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फिर उन्होंने कहा, 'ये स्कूल तो अच्छा था लेकिन अब ये जर्जर हो गया, इस वजह से अब इसको डिस्मेंटल करेंगे। इसको हटाएंगे।' जयपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी गिरिराज पारिख के मुताबिक साल-छह महीने इसे खराब हुए हो गए हैं। बाद में उन्होंने कहा कि एक साल हो गया। वैसे, जानकारी के मुताबिक पिछले चार साल से इस स्कूल की हालत खराब है। फिर उन्होंने पूरा बात को ऐसी घुमाई की सिर चकरा जाए।
DEO गिरिराज पारिख की बातों से सिर चकरा जाएगा
उनसे साफ-साफ पूछा गया कि आप ये बताइए इस तबेले से मुक्ति कब मिलेगी? फिर जयपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी गिरिराज पारिख तबेले पर अटक गए। उन्होंने कहा, 'ये जी तबेला नहीं है आप फिर तबेला-तबेला बोले जा रहे हो, ये व्यवस्था कर दी कि पास में जो भी कोई सुरक्षित जगह है, वहां पर बच्चों को शिफ्ट कर दें। आसपास जो मकान बने हुए हैं यहां के 18 बच्चे हैं। उन्होंने कहा साहब ये मेरा जगह खाली है। इसको आप यूज में ले लो।' जिस मकान में बच्चे पढ़ते उसके मालिक ने बताया कि ढाई साल से बच्चे यहां पढ़ रहे हैं। मगर, जयपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी गिरिराज पारिख ने बताया कि वो झूठ बोल रहे हैं, एक साल से बच्चे वहां पढ़ रहे हैं।उन्होंने कहा, 'प्रक्रिया होती है इसकी। जब वो जेएन आएगा। एक अपने पीडब्ल्यूडी के लोग आएंगे। वो फिर इसका निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण करने के बाद वो देखेंगे कि जर्जर है। फिर इसकी रिपोर्ट देंगे। उसके बाद इसको जर्जर घोषित कर दिया जाएगा। जर्जर घोषित होने के बाद प्रस्ताव भेजा जाएगा। अपना प्रस्ताव भेज दिया है, पैसे का। पैसा आते ही काम चालू हो जाएगा।' ये सब कब होगा पूछने पर उन्होंने कहा कि ये तो भारत सरकार बताएगी ना, अपन कैसे बता सकते।
तबेले से मुक्ति की तारीख नहीं बता पाए साहब
फिर पूछा गया कि अब भारत सरकार बताएगी कि राजस्थान के स्कूलों के बच्चे कब तबले से बाहर आएंगे? तबेला सुनते ही एक बार फिर जयपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी गिरिराज पारिख चीढ़ गए। उन्होंने कहा, 'नहीं-नहीं फिर तबेला अरे तबेला है ही। फिर जयपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी गिरिराज पारिख ने डीएमएफटी फंड की पूरा प्रक्रिया समझाई। फिर बिल्डिंग बनने का पूरा प्रॉसेस बताया। बारिश के मौसम की भी दुहाई दी। लेकिन ये नहीं बताया कि आखिर कब तक बच्चों को टीन-टप्पर और तबेले से मुक्ति मिलेगी।रामपुरा कंवरपुरा प्राइमरी स्कूल चर्चा में कैसे आया?
दरअसल, जयपुर जिले के रामपुरा कंवरपुरा गांव का प्राइमरी स्कूल इसलिए चर्चा में आ गया कि इसकी हालत लोगों को दिखाने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी की एक टीम गांव में पहुंची। वहां पर कथित गांव वालों ने उनका विरोध किया। उनकी झड़प हो गई। सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) की टीम को मौके से खदेड़ दिया। इस घटना को कॉजपा ने अपनी ‘स्कूल ठीक करो’ मुहिम के दौरान टीम पर हमला बताया है।पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं पर पथराव किया गया और राजस्थान पुलिस ने हस्तक्षेप नहीं किया। आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि कॉजपा टीम के सदस्यों के साथ मारपीट की गई, वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया और महिला समर्थकों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इसी का नतीजा था कि जयपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी गिरिराज पारिख भी राजधानी से महज 40 किलोमीटर दूर रामपुरा कंवरपुरा गांव के प्राइमरी स्कूल का दर्शन कर पाए।
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