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राजस्थान में जन्म होते ही सूखे कुएं में फेंकी बच्ची, पुलिस ने मां-बेटे को दबोचा

राजस्थान में जन्म होते ही सूखे कुएं में फेंकी बच्ची, पुलिस ने मां-बेटे को दबोचा घटना तीन महीने पुरानी है जब एक सूखे कुएं से रोती बिलखती बच्ची पाई गई थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी मां-बेटे को दबोच लिया है। राजस्थान के ख…

Hindustan के अनुसार8 अगस्त 2026 को 05:15 pm बजे
राजस्थान में जन्म होते ही सूखे कुएं में फेंकी बच्ची, पुलिस ने मां-बेटे को दबोचा

सौजन्य से:- Hindustan

राजस्थान में जन्म होते ही सूखे कुएं में फेंकी बच्ची, पुलिस ने मां-बेटे को दबोचा

घटना तीन महीने पुरानी है जब एक सूखे कुएं से रोती बिलखती बच्ची पाई गई थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी मां-बेटे को दबोच लिया है।

राजस्थान के खैरथल जिले की तिजारा पुलिस ने करीब तीन महीने पुराने सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए नवजात शिशु को सूखे कुएं में फेंककर जान से मारने के कोशिश के आरोप में मां और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में आरोपी महिला शहनाज और उसके बेटे साहिल को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की पूरी वजह और घटना में उनकी भूमिका को लेकर जांच कर रही है।

थाना अधिकारी जयप्रकाश ने बताया कि यह घटना 12 मई 2026 की है। उस दिन एएसआई राजपाल सिंह थाना परिसर में ड्यूटी पर तैनात थे। सुबह करीब 9:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि पालपुर रोड पर स्थित एक पुराने और सूखे कुएं से नवजात बच्चे के रोने और चीखने की आवाजें आ रही हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई।

60 फीट गहरे रोती बिलखती मिली बच्ची

पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने भी कुएं से नवजात के रोने की आवाज सुनी थी। कुआं काफी पुराना और करीब 50 से 60 फीट गहरा बताया गया। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद नवजात को कुएं से बाहर निकाला।

पुलिस के अनुसार, कुएं से निकाली गई नवजात बच्ची जिंदा थी। उसकी उम्र करीब 12 से 24 घंटे के बीच बताई गई। बच्ची को तुरंत उपचार के लिए तिजारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उसे शिशु वार्ड में भर्ती कराया गया।डॉक्टरों ने नवजात का शुरुआती इलाज किया। इलाज के बाद बच्ची की हालत स्वस्थ बताई गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू की। नवजात को इस तरह कुएं में किसने फेंका और इसके पीछे क्या कारण था, इसका पता लगाने के लिए पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में पूछताछ करने के साथ ही विभिन्न पहलुओं पर जांच की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।

हरियाणा से गिरफ्तार मां-बेटा

जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। पुलिस टीम ने तकनीकी और अन्य माध्यमों से जांच को आगे बढ़ाते हुए संदिग्धों तक पहुंच बनाई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला शहनाज निवासी सिरौली और उसके बेटे साहिल को हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में दोनों पर नवजात बालिका को कुएं में फेंकने और उसकी जान को खतरे में डालने का आरोप है। हालांकि, घटना के पीछे असल कारण क्या था और नवजात को कुएं में किस परिस्थिति में फेंका गया, इसका खुलासा पुलिस पूछताछ और आगे के अनुसंधान के बाद ही हो सकेगा।

ग्रामीणों की सूझबपूझ से बची बच्ची की जान

इस घटना में राहत की बात यह रही कि समय रहते ग्रामीणों ने कुएं से नवजात के रोने की आवाज सुन ली और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच सकी।

तिजारा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अनुसंधान के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।

रिपोर्ट- हंसराज अलवर

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