कोटा में अंतरराज्यीय लुटेरी दुल्हन गैंग का भंडाफोड़, शादी के नाम पर करते थे लाखों की ठगी
कोटा में अंतरराज्यीय लुटेरी दुल्हन गैंग का भंडाफोड़, शादी के नाम पर करते थे लाखों की ठगी Kota News In Hindi: कोटा में पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय 'लुटेरी दुल्हन गैंग' का भंडाफोड़ किया. 8 आरोपी गिरफ्…

सौजन्य से:- ABP News
कोटा में अंतरराज्यीय लुटेरी दुल्हन गैंग का भंडाफोड़, शादी के नाम पर करते थे लाखों की ठगी
Kota News In Hindi: कोटा में पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय 'लुटेरी दुल्हन गैंग' का भंडाफोड़ किया. 8 आरोपी गिरफ्तार, कई राज्यों में नेटवर्क फैला था.
राजस्थान के कोटा ग्रामीण जिले की रामगंजमंडी थाना पुलिस ने शादी के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक अंतरराज्यीय 'लुटेरी दुल्हन गैंग' का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह उन युवकों और उम्रदराज लोगों को निशाना बनाता था जिनकी शादी नहीं हो पा रही थी. शादी कराने का भरोसा देकर उनसे लाखों रुपये लिए जाते, फिर गिरोह की महिला सदस्य दुल्हन बनकर शादी करती और कुछ दिन बाद बहाना बनाकर ससुराल से निकल जाती. इसके बाद उसका कोई पता नहीं चलता था. पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.
कोटा ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि इस गिरोह का खुलासा रामगंजमंडी थाना क्षेत्र में दर्ज दो मामलों की जांच के दौरान हुआ. पहला मामला 13 जुलाई 2026 को सामने आया, जब सांडपुर निवासी दिनेश कुमार ने नकली शादी के नाम पर ठगी की शिकायत दर्ज कराई.
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इसके 3 दिन बाद 16 जुलाई को हिरियाखेड़ी निवासी दिलीप सिंह ने भी इसी तरह ठगे जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई. दोनों मामलों में ठगी का तरीका बिल्कुल एक जैसा था. इसके बाद पुलिस ने दोनों मामलों को जोड़कर जांच शुरू की और धीरे-धीरे पूरे गिरोह तक पहुंच गई.
ऐसे फंसाते थे शादी के नाम पर
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का नेटवर्क राजस्थान, झारखंड, बिहार और मध्यप्रदेश तक फैला हुआ था. गिरोह के सदस्य पहले ऐसे लोगों की तलाश करते थे जिनकी शादी किसी वजह से नहीं हो पा रही थी. फिर उन्हें भरोसा दिलाया जाता कि उनकी जल्दी और अच्छी जगह शादी करवा दी जाएगी.
जब रिश्ता तय हो जाता तो दूल्हे पक्ष से एक से दो लाख रुपये तक लिए जाते. इसके बाद गिरोह की महिला सदस्य को दुल्हन बनाकर शादी करा दी जाती. पुलिस के मुताबिक कई मामलों में दुल्हन पहले से शादीशुदा होती थी, लेकिन यह बात पूरी तरह छिपाई जाती थी.
कुछ दिन ससुराल में रहने के बाद हो जाती थी गायब
गिरोह की महिलाएं शादी के बाद कुछ दिन तक ससुराल में सामान्य तरीके से रहती थीं ताकि किसी को उन पर शक न हो. इसके बाद वे माता-पिता की बीमारी, रिश्तेदार की तबीयत खराब होने या किसी जरूरी पारिवारिक काम का बहाना बनाकर मायके जाने की बात कहती थीं.
जैसे ही परिवार उन्हें जाने देता, वे हमेशा के लिए गायब हो जातीं. उनका मोबाइल बंद कर दिया जाता और शादी कराने वाले दलाल भी संपर्क खत्म कर देते. ठगी से मिली रकम गिरोह के सभी सदस्य आपस में बांट लेते और फिर नए शिकार की तलाश शुरू कर देते.
कई जिलों में लोगों को बनाया शिकार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह पहले भी कई लोगों से इसी तरह ठगी कर चुका है. मध्यप्रदेश के मोड़ी हरिपुरा निवासी सुरेश पाटीदार से करीब 1 लाख रुपये, झालावाड़ के दीपक मीणा से 1 लाख रुपये, असनावर के टिंकू सिंह से 1.10 लाख रुपये, अकलेरा के सत्यानारायण से 1.50 लाख रुपये और बूंदी जिले के डाबी क्षेत्र के धनराज नाई से 1.10 लाख रुपये की ठगी की गई थी.
पुलिस को आशंका है कि पूछताछ के दौरान ऐसे कई और मामलों का खुलासा हो सकता है और ठगी की रकम भी बढ़ सकती है.
ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के तहत बड़ी कार्रवाई
इस कार्रवाई को पुलिस के ऑपरेशन 'क्रिमिनल डस्टिंग' के तहत अंजाम दिया गया. पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा और पुलिस उपाधीक्षक घनश्याम मीणा की निगरानी में थानाधिकारी संदीप शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई.
टीम ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्य और आपसी संपर्कों के आधार पर गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखी. लगातार दबिश देने के बाद पुलिस ने झारखंड, बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान के रहने वाले 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
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पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने राजस्थान समेत अन्य राज्यों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया, कितने लोगों से ठगी की और इस नेटवर्क में अभी कितने सदस्य सक्रिय हैं.
एसपी सुजीत शंकर ने कहा कि शुरुआती जांच में यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह सामने आया है. पुलिस को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ में कई और बड़े खुलासे होंगे और गिरोह से जुड़े बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
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