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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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विश्वेंद्र सिंह को कांग्रेस अनुशासन समिति ने नोटिस भेजा:पूर्व मंत्री ने कहा- आप कार्रवाई के लिए स्वतंत्र हैं; डोटासरा बोले थे-उनका पक्ष सुनकर तकलीफ जानेंगे
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कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को लेकर की गई बयानबाजी पर विश्वेंद्र सिंह को शुक्रवार शाम कांग्रेस अनुशासन समिति ने नोटिस भेजा। इसके बाद विश्वेंद्र सिंह ने तल्ख पलटवार किया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट की - आप कार्रवाई के लिए स्वतंत्र हैं।
कांग्रेस अनुशासन समिति ने विश्वेंद्र सिंह को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है। कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष उदयलाल आंजना ने विश्वेंद्र सिंह को प्रदेशाध्यक्ष, दोनों जिलाध्यक्षों के खिलाफ बयानबाजी करने, निकाय चुनावों में पार्टी के लिए काम नहीं करने और संगठन के कामों से उदासीन रहने के आरोप में नोटिस देकर जवाब मांगा है। विश्वेंद्र सिंह से उनके खिलाफ लगे आठ आरोपों पर जवाब मांगा है। भरतपुर और डीग जिलाध्यक्षों की शिकायत के बाद कांग्रेस अनुशासन समिति ने नोटिस जारी किया है।
सिंह बोले- आप कार्रवाई के लिए स्वतंत्र हैं
नोटिस के बाद विश्वेंद्र सिंह ने तल्ख पलटवार किया है। नोटिस को सोशल मीडिया पर पोस्ट करके अनुशासन समिति अध्यक्ष उदयलाल आंजना पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया पर लिखा- राजस्थान कांग्रेस कमेटी का सूरते हाल। आदरणीय आंजनाजी पहले आपके नोटिस का जवाब देना चाहिए या पीसीसी चीफ गोविंदजी ने जो मुझको लेकर बयान दिया है, उस पर कोई प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
विश्वेंद्र सिंह ने लिखा- डोटासरा मुझे अपने बड़े भाई के रूप में देख रहे हैं, दूसरी ओर आपकी कारगुजारी सामने है। मैं और मेरे समस्त कार्यकर्ता असमंजस में हैं। आप अपनी कार्रवाई के लिए स्वतंत्र हैं और मैं राजनीतिक भविष्य को लेकर स्वतंत्र हूं। मैं हमेशा मर्यादा और अनुशासन में रहा हूं। उम्र के इस पड़ाव पर शायद मुझे किसी की नसीहत की जरूरत नहीं है ।
इससे पहले पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने सुबह कांग्रेस छोड़ने के संकेत दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने फिर प्रदेशाध्यक्ष पर निशाना साधा है। विश्वेंद्र ने सोशल मीडिया पोस्ट में पार्टी अध्यक्ष को संबोधित करते हुए लिखा-
मेरा सार्वजनिक जीवन खुली किताब है, बेदाग है। मैंने मेरे दामन पर कभी दाग न तो लगने दिया और न ही लगने दूंगा। ऐसी परिस्थिति में दम घुटने से मरने के बजाय स्वाभिमान की मौत मरना बेहतर है। मेरे पुरखों ने कभी ऐसी चीजों से समझौता नहीं किया, उनका अनुसरण करते हुए मैं भी आपको अलविदा कहने में ही अपनी भलाई समझता हूं। मैं शायद अब आपकी गलत रीति-नीति के साथ कदमताल नहीं कर पाऊंगा।
डोटासरा के खिलाफ बयानबाजी के बाद विश्वेंद्र सिंह पर प्रदेश कांग्रेस ने कार्रवाई करने की सिफारिश की थी। पार्टी कोई फैसला लेती, इससे पहले ही विश्वेंद्र ने खुद कांग्रेस को अलविदा कहने का इशारा कर दिया। हालांकि उन्होंने आधिकारिक रूप से इस्तीफा नहीं दिया है।
मामले में डोटासरा का कहना है- मैं सोशल मीडिया के आधार पर फाइनल डिसीजन नहीं ले सकता। मैं प्रदेशाध्यक्ष हूं। उनकी भावना भी हमें लेनी पड़ेगी। जिलाध्यक्षों से भी बात करनी पड़ेगी।
वहां के अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी बात करनी पड़ेगी और फिर कोई भी बात आएगी। अनुशासनहीनता की होगी तो अनुशासन कमेटी परीक्षण करेगी। उसके बाद में प्रदेशाध्यक्ष के पास बात आएगी। उससे पहले मैं किसी के लिए टिप्पणी कैसे कर सकता हूं।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बोले- विश्वेंद्र सिंह हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता, मैं तो उनका राज्य मंत्री रहा हूं, वे मुझे छोटा भाई मानते हैं। सोशल मीडिया के आधार पर हम कोई परसेप्शन नहीं बना सकते। उनकी कोई बात होगी तो सुनी जाएगी।
मैं तो उनका राज्य मंत्री रहा हूं। मेरे से तो बहुत प्यार करते हैं। मुझ पर बहुत आशीर्वाद रहा है। मेरे राज्य मंत्री रहते मेरे कमरे में आकर मिलते थे। मैं जब कहता था कि आप बड़े हैं मैं आऊंगा तो कहते थे आप मेरे छोटे भाई है। यह बात जरूर है कि ढाई साल में संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर उनसे संवाद स्थापित नहीं हो सका। मुझे उन्होंने कभी कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई।
अब पढ़िए विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा…
छुटभैये नेताओं की बयानबाजी से कार्यकर्ताओं में आक्रोश
विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को इंगित करते हुए लिखा- मैंने जीवन में हमेशा मेरे इष्ट गिरिराज महाराज और अंतरात्मा की आवाज सुनकर ही फैसला लिया है।
आज कुछ छुटभैये तथाकथित नेताओं ने जो अनर्गल बयान दिए हैं, उससे मेरे कार्यकर्ताओं में आक्रोश है।
गलत और झूठ का साथ नहीं देना पाप तो हर बार करूंगा
विश्वेंद्र सिंह ने लिखा- मैंने हमेशा मान, सम्मान और स्वाभिमान से जीवन जीया है। मेरे उसूल और आदर्शों से कभी कोई समझौता नहीं किया।
मेरे कार्यकर्ताओं में मौजूदा चापलूसी की परंपरा के कारण आक्रोश है। यदि सच को सच कहना, गलत और झूठ का साथ नहीं देना पाप है तो मैं इसको हर बार करूंगा।
मैं न गलत करता हूं न ही गलत सहन करता हूं। मेरा सार्वजनिक जीवन जनता जनार्दन की देन है। मैं इनके लिए ही जीता हूं और इनके लिए ही मरूंगा।
मेरे खून का हर कतरा मेरे कार्यकर्ताओं, मेरे मतदाताओं, मेरे क्षेत्र वासियों, प्रदेश वासियों के लिए बहा है और बहेगा।
ठहरे हुए पानी में कंकड़ ना मार…
इसके बाद विश्वेंद्र ने एक और पोस्ट शेयर की, जिसमें अपनी फोटो के साथ ऑडियो में हिंदी फिल्म ‘दलाल’ का सॉन्ग ‘ठहरे हुए पानी में कंकड़ ना मार…’ लगाया।
विश्वेंद्र सिंह के आरोप
इस्तीफा देने की मांग: 30 सितंबर को विश्वेंद्र सिंह ने डोटासरा पर शिक्षा मंत्री रहते रीट में धांधली करवाने और सत्ता का मिसयूज कर बेटे, बहू और रिश्तेदारों को RAS इंटरव्यू में 80-80 नंबर दिलावाने के आरोप लगाए थे। फेसबुक पर लिखा था- ऐसे भ्रष्ट नेताओं को तत्काल अपना इस्तीफा दे देना चाहिए या कांग्रेस पार्टी के आलाकमान को इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करके पार्टी से निकाल देना चाहिए। विश्वेंद्र ने सरकार और मुख्यमंत्री से डोटासरा के खिलाफ जांच करने की मांग की थी।
डोटासरा को बताया था जिम्मेदार: शहरी निकाय चुनाव में भरतपुर और डीग जिले में कांग्रेस का एक भी बोर्ड नहीं बनने पर विश्वेंद्र ने हार के लिए डोटासरा और भरतपुर जिलाध्यक्ष दिनेश सूपा व डीग जिलाध्यक्ष राजीव चौधरी को जिम्मेदार बताया था। उन्होंने कहा था- प्रदेश अध्यक्ष मूक-बधिर बना बैठा है। सिंह ने कहा था कि डोटासरा कभी भरतपुर आने की हिमाकत करके देख लें, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. चंद्रभान से भी अच्छा स्वागत करूंगा।
PCC चीफ आरोपों पर क्या बोले थे?
हम सब एक हैं: गुरुवार (1 अक्टूबर) को डोटासरा ने कहा था- आज इन सब बातों का वो समय नहीं है, हम सब एक हैं। हमारे में एकता है। पीसीसी चीफ ने कहा- 125 साल पुरानी पार्टी ने मुझे 6 साल से ज्यादा समय से प्रदेशाध्यक्ष बना रखा है। ये कार्यकर्ताओं का आशीर्वाद है। भाजपा का टूलकिट दुष्प्रचार करने का प्रयास करता है।
अलग-अलग नेताओं ने भी किया पलटवार: महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सारिका सिंह चौधरी ने विश्वेंद्र सिंह पर पलटवार करते हुए उन्हें बीजेपी का स्लीपर सेल बताया था। वहीं, प्रदेश महासचिव देशराज मीणा ने विश्वेंद्र सिंह पर पलटवार करते हुए उन पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। प्रदेश महासचिव जसवंत गुर्जर ने सोशल मीडिया पर लिखा- ‘पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह के नाम से जो बयान आ रहे हैं, वह पार्टी परंपरा के अनुरूप नहीं है।’
इनपुट सहयोग: गौरव माथुर
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विश्वेंद्र सिंह के तेवरों के बाद भरतपुर-डीग जिलाध्यक्षों पर संकट:कांग्रेस छीन सकती है कुर्सी, पूर्व मंत्री से आलाकमान संपर्क में
भरतपुर के पूर्व राजपरिवार सदस्य और पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस से इस्तीफा देने के संकेत दिए थे, लेकिन उन्होंने अभी तक इस्तीफा नहीं दिया है। विश्वेंद्र सिंह की नाराजगी को दूर करने के लिए कांग्रेस के बड़े नेता उनसे लगातार संपर्क में हैं। पूरी खबर पढ़िए…
विश्वेंद्र सिंह बोले-डोटासरा इस्तीफा दें या इन्हें पार्टी से निकालें:शिक्षा मंत्री रहते हुए रीट में धांधली की, बेटे-बहू को RAS इंटरव्यू में 80-80 नंबर दिलवाए
पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर गंभीर आरोप लगाए थे। सिंह ने कहा था- डोटासरा पर शिक्षा मंत्री रहते रीट में धांधली करवाने और सत्ता का मिसयूज कर बेटे, बहू और रिश्तेदारों को RAS इंटरव्यू में 80-80 नंबर दिलवाए थे। पूरी खबर पढ़िए…
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