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राजस्थान में ट्रांसफर सिंडिकेट का खुलासा, मंत्री ने जीरो एफआईआर कर दिखाई सख्ती

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने तबादलों के नाम पर कथित दलाली के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। मंत्री ने ग्राम विकास अधिकारी मंजुला बैरागी की शिकायत पर नामजद जीरो एफआईआर लिखने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पुलिस ने आरोपी नरोत्तम बड़ारिया को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।

Navbharat Times के अनुसार19 जुलाई 2026 को 11:35 am बजे
राजस्थान में ट्रांसफर सिंडिकेट का खुलासा, मंत्री ने जीरो एफआईआर कर दिखाई सख्ती

सौजन्य से:- Navbharat Times

राजस्थान में पिछले दिनों हुए तबादलों से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया हे। यहां एक ग्राम विकास अधिकारियों की शिकायत पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की ओर से एफआईआर दर्ज हुई है। पूरे मामले में मंत्री भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।

कोटा: राजस्थान की भजनलाल सरकार में शिक्षा और पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने भ्रष्टाचार और तबादलों के नाम पर कथित वसूली के मामले में सख्त रुख अपनाया है। मंत्री ने इस पूरे मामले में पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंत्री के हस्तक्षेप के बाद सांगोद पंचायत समिति में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी मंजुला बैरागी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया । साथ ही बारां निवासी आरोपी नरोत्तम बड़ारिया को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई को सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

जीरो एफआईआर दर्ज करने के निर्देश

जानकारी के मुताबिक, ग्राम विकास अधिकारी मंजुला बैरागी ने मंत्री मदन दिलावर के आवास पहुंचकर आरोप लगाया कि तबादला करवाने के नाम पर उनसे पैसे मांगे गए और रकम भी ली गई। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला से पूरी जानकारी ली और आरोपी का नाम सामने आने पर तत्काल महावीर नगर थाना प्रभारी को बुलाकर नामजद जीरो एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।

आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की

महावीर नगर थाने में दर्ज जीरो एफआईआर के आधार पर सांगोद थाना पुलिस ने नियमित मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने बारां निवासी आरोपी नरोत्तम बड़ारिया को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने तबादलों के नाम पर और कितने सरकारी कर्मचारियों से कथित रूप से रकम वसूली है।

दलाली के बड़े नेटवर्क पर जाते जरा शतक

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब दो अन्य ग्राम विकास अधिकारियों—भूपेंद्र सिंह और संदीप सिंह चौहान ने भी आरोपी के खिलाफ तबादले के नाम पर पैसे लेने की शिकायत दर्ज कराई। इससे आशंका जताई जा रही है कि यह मामला किसी बड़े नेटवर्क या दलाली तंत्र से जुड़ा हो सकता है।

आरोपी से पूछताछ जारी

राजनीतिक रूप से भी यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है। हाल के दिनों में मंत्री मदन दिलावर लगातार तबादलों में भ्रष्टाचार और बिचौलियों के खिलाफ खुलकर बयान देते रहे हैं। अब शिकायत मिलते ही त्वरित पुलिस कार्रवाई करवाकर उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि सरकार ट्रांसफर के नाम पर होने वाली कथित दलाली और भ्रष्टाचार के मामलों में सख्ती बरतेगी। पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।

विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।

पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें

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