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राजस्थान में सरकारी स्कूलों में AI सिखाने की शुरुआत, शिक्षकों और छात्रों को मिलेगी नई क्षमता

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में AI सिखाने की शुरुआत होने जा रही है, जिससे शिक्षकों और छात्रों को नई क्षमता मिलेगी। शिक्षा विभाग ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में राजस्थान के 10 जिलों में करीब एक लाख शिक्षकों को AI का प्रशिक्षण देने की तैयारी शुरू कर दी है।

Dainik Bhaskar के अनुसार19 जुलाई 2026 को 06:02 am बजे
राजस्थान में सरकारी स्कूलों में AI सिखाने की शुरुआत, शिक्षकों और छात्रों को मिलेगी नई क्षमता

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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राजस्थान के सरकारी टीचर्स और स्टूडेंट्स को AI सिखाया जाएगा:छात्र को किस सब्जेक्ट में ज्यादा मेहनत की जरूरत इसका भी पता लगाया जा सकेगा

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राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पढ़ाई की शुरुआत होने जा रही है। इसके जरिए टीचर्स और स्टूडेंट्स दोनों को AI तकनीक से जोड़ना है। इसके लिए टीचर्स AI टूल्स का इस्तेमाल सीखेंगे। वहीं, स्टूडेंट्स को AI के काम करने के तर

शिक्षा विभाग ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में राजस्थान के 10 जिलों में करीब एक लाख शिक्षकों को AI का प्रशिक्षण देने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके बाद यह मॉडल प्रदेश के अन्य जिलों तक विस्तार किया जाएगा।

शिक्षा विभाग इस पर काम कर रहा है। इसकी शुरुआत उदयपुर में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण के जरिए की गई। इसमें प्रदेश की 34 डाइट की फैकल्टी को सबसे पहले समझाते हुए ट्रेनिंग दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बताया जा रहा है कि AI की मदद से कुछ ही मिनटों में लैसन प्लान (शिक्षण योजना) कैसे तैयार किया जा सकता है। स्टूडेंट के स्तर के अनुसार गतिविधियां कैसे बनाई जा सकती हैं। मूल्यांकन कैसे तैयार होगा और किस छात्र को किस सब्जेक्ट में अतिरिक्त सहायता की जरूरत है, इसका विश्लेषण कैसे किया जा सकता है। इससे पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

स्टूडेंट्स को भी AI के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्हें समझाया जाएगा कि AI कैसे काम करता है। वह जानकारी किस आधार पर तैयार करता है। उसकी सीमाएं क्या हैं। किसी जानकारी की सत्यता कैसे परखी जाए। साथ ही साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल लिटरेसी और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े विषय भी ट्रेनिंग का हिस्सा होंगे।

ये कार्यक्रम राजस्थान के साल 2047 के विजन डॉक्यूमेंट के अनुसार शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में कदम है। एक्सपर्ट का मानना है कि जिन कार्यों में पहले शिक्षकों को एक घंटे तक का समय लगता था। वे AI की मदद से कुछ ही मिनटों में पूरे किए जा सकेंगे। इससे टीचर्स को स्टूडेंट्स के साथ अधिक गुणवत्तापूर्ण समय देने का अवसर मिलेगा।

ऊपर से नीचे तक सबको ट्रेनिंग देंगे

सबसे पहले प्रदेश के 34 जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) के फैकल्टी सदस्यों और चयनित 10 फोकस जिलों के स्टेट रिसोर्स ग्रुप को ट्रेनिंग दी जाएी। यह ट्रेनिंग उदयपुर के राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (RSCERT) में शुक्रवार को दिया गया। अब आगे ये मास्टर ट्रेनर (MT) तैयार करेंगे। मास्टर ट्रेनर अपने-अपने जिलों के डाइट के माध्यम से शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। इसी चरणबद्ध प्रक्रिया से प्रशिक्षण पंचायत स्तर तक और सरकारी स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा। करीब एक लाख शिक्षकों को AI आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।

आगे बनेगा राजस्थान का अपना AI पाठ्यक्रम

पीरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम मैनेजर राहुल शर्मा ने बताया- एनसीईआरटी और सीबीएसई पहले ही AI से जुड़े पाठ्यक्रम तैयार कर चुके हैं। इसी आधार पर इस साल पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा। भविष्य में राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (RSCERT) भी राज्य की जरूरतों के अनुरूप AI का अपना प्रशिक्षण मॉड्यूल और पाठ्यक्रम तैयार करेगी। इसे प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में लागू करने की योजना है।

RSCERT की निदेशक श्वेता फगेड़िया ने कहा कि एआई के माध्यम से समय की बचत करते हुए शिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से शिक्षकों को एआई आधारित तकनीकों और उनके प्रभावी उपयोग की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक, प्रभावी परिणाम बना सकें।

उन्होंने कहा- यह एक शुरुआत है। भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली नई तकनीकों व नवाचारों को भी चरणबद्ध तरीके से अपनाया जाएगा। पहले किसी विषय को गहराई से समझने के लिए विशेषज्ञ या शिक्षक पर पूरी तरह निर्भर रहना पड़ता था। अब कई एआई आधारित टूल्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से स्टूडेंट्स अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।

यही उपयोग शिक्षक कर सकें, इस सोच से आगे बढ़ रहे हैं। इन सभी तकनीकों के बावजूद शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहेगी, क्योंकि वही स्टूडेंट्स को सही दिशा, मार्गदर्शन और मानवीय मूल्यों के साथ सीखने की प्रेरणा देते हैं।

क्यों शुरू किया जा रहा AI कार्यक्रम

राजस्थान सरकार स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शामिल कर रही है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति, विकसित राजस्थान-2047 विजन और राज्य की AI-ML नीति-2026 के अनुरूप यह पहल की जा रही है।

इसका उद्देश्य तकनीक के जरिए शिक्षण को अधिक प्रभावी, स्टूडेंट् के अनुरूप और डेटा आधारित बनाना है।

शिक्षकों को AI टूल्स के उपयोग में काबिल बनाना है, ताकि वे AI-सक्षम क्लासों का संचालन कर सकें।

इस कार्यक्रम में माइक्रोसॉफ्ट तकनीकी सहयोगी होगा।

कंपनी 80 हजार से अधिक शिक्षकों के प्रशिक्षण और सर्टिफिकेशन में सहयोग करेगी।

इससे शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों की टीचिंग-लर्निंग प्रक्रिया को तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाएगा।

RSCERT, DIET और पिरामल फाउंडेशन की साझेदारी इसे पूरे प्रदेश में लागू किए जा सकने वाला स्थायी मॉडल बनाने पर काम करेगी।

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