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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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आज से 23 जुलाई तक चुनावी सर्वे:क्या आपके परिवार से कोई राजनीति में है? आधी आबादी वाले ओबीसी परिवारों से पूछे जाएंगे ऐसे 19 सवाल
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राजस्थान ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग पंचायत-निकाय चुनावों के लिए करेगा सर्वे, 51 हजार कर्मचारी लगेंगे
प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनावों के लिए राजस्थान ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग 10 से 23 जुलाई तक आधी आबादी वाले ओबीसी परिवारों का ऑनलाइन सर्वे कराने जा रहा है। सर्वे में 19 सवाल पूछे जाएंगे। परिवार के मुखिया और सदस्यों का नाम, उम्र, जेंडर, शैक्षणिक योग्यताएं, परिवार की आजीविका के साधन, परिवार का जनआधार, बीपीएल श्रेणी, खाद्य सुरक्षा लाभार्थी के अलावा परिवार में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े प्रश्न पूछेंगे। इसमें भी कैटेगरी बनाई गई है, जिसमें पंचायत से लेकर विधायक, सांसद और राज्यसभा की श्रेणी शामिल है। इस सर्वे में 51 हजार से अधिक कर्मचारी जुटेंगे। माना जा रहा है कि प्रत्येक कर्मचारी पर 250 से 300 घरों के सर्वे का जिम्मा रहेगा। इसके लिए 14 दिन का समय मिला है।
फॉर्म एक; पंचायत और निकाय के लिए अलग-अलग कैटेगरी
सर्वे फॉर्म का प्रारूप तो एक है, लेकिन निकाय और पंचायत चुनाव के लिए अलग-अलग फॉर्म हैं। पंचायत कैटेगरी में ग्राम पंचायत का नाम, पंचायत समिति का नाम, जिला परिषद का नाम है। इसी तरह दूसरे फॉर्म में नगर परिषद, नगर पालिका, नगर निगम और जिले का नाम शामिल है।
एसआईआर-जनगणना ने अटकाया था सर्वे
ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग का गठन 9 मई, 2025 को हुआ था। इसके बाद तीन बार आयोग का कार्यकाल बढ़ा, यानी आयोग को सवा साल हो चुका है। सर्वे में देरी पर आयोग का तर्क रहा है कि पहले एसआईआर का दौर चल रहा था। इसके बाद जनगणना का दौर चला। इस वजह से सर्वे का काम प्रभावित रहा था। बताया जा रहा है कि आयोग 14 अगस्त को सरकार को रिपोर्ट दे सकता है क्योंकि आयोग ने काम में तेजी दिखाई है। हालांकि आयोग का कार्यकाल 30 सितंबर तक बढ़ाया गया था।
आयोग का कार्यकाल विस्तार
- 9 मई 2025 को तीन माह के लिए ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग का गठन।
- 31 दिसंबर 2025 तक कार्यकाल में वृद्धि।
- 31 मार्च 2026 तक बढ़ाया गया।
- 30 सितंबर 2026 तक कार्यकाल बढ़ाया।
नोट: चार माह पूर्व आयोग ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर बताया था कि कई ग्राम पंचायतों के जनसंख्या और ओबीसी आंकड़ों में गंभीर त्रुटियां (जैसे कुछ पंचायतों में ओबीसी आबादी शून्य दिखाना) हैं, जिसके कारण सटीक आरक्षण तय करने में समय लग रहा है।
वोटरों की संख्या व सर्वाधिक ओबीसी आबादी वाले क्षेत्र
- मारवाड़: जोधपुर, नागौर और बाड़मेर आदि जिलों में।
- शेखावाटी क्षेत्र: सीकर, झुंझुनूं और चूरू आदि क्षेत्रों में।
- पूर्वी राजस्थान: अलवर, भरतपुर आदि जिलों में भी ओबीसी आबादी अच्छी-खासी तादाद में है।
- जयपुर राजस्थान का सबसे अधिक आबादी वाला जिला है, इसलिए संख्या बल के हिसाब से वहां भी ओबीसी की बड़ी आबादी है।
काम पूरा होने तक कार्यमुक्त नहीं होंगे कर्मचारी
ओबीसी परिवारों का सर्वे करने के लिए 10 जुलाई से कर्मचारी घर-घर जाएंगे। इस मामले में आयोग ने सरकार को बताया है कि सर्वे में शामिल कर्मचारियों के तबादलों से आयोग के कामकाज पर असर पड़ेगा। सर्वे में तबादलों की वजह से देरी की आशंका जताई गई है। आयोग ने मुख्य सचिव को लिखी चिट्ठी में कहा है कि सरकार ने 10 जुलाई तक कर्मचारियों के तबादलों से बैन हटाया है। इस दौरान कई विभागों में तबादले हो रहे हैं, इनमें सर्वे के काम में शामिल अफसर, कर्मचारी भी शामिल हैं। लिहाजा सर्वे का काम पूरा होने तक रिलीव नहीं किया जाए।
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