राजस्थान के 2 IAS अफसरों पर कोर्ट का डंडा, सैलरी रोके जाने के आदेश, 1 आईएएस के खिलाफ FIR, जानें पूरा मामला
राजस्थान लेबर कोर्ट ने रोडवेज कंडक्टर के 124 साप्ताहिक अवकाशों के बकाया ओवरटाइम का भुगतान न करने पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने IAS संदीप वर्मा और पुरुषोत्तम शर्मा का वेतन रोकने तथा संदीप वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज कर 1 सि…

सौजन्य से:- Navbharat Times
राजस्थान लेबर कोर्ट ने रोडवेज कंडक्टर के 124 साप्ताहिक अवकाशों के बकाया ओवरटाइम का भुगतान न करने पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने IAS संदीप वर्मा और पुरुषोत्तम शर्मा का वेतन रोकने तथा संदीप वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज कर 1 सितंबर तक पालना रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
जयपुर: राजस्थान रोडवेज के एक कंडक्टर को साप्ताहिक अवकाश के दिन भी ड्यूटी करने पर ओवरटाइम का भुगतान नहीं करना दो आईएएस अफसरों को महंगा पड़ गया है। कंडक्टर ने कोर्ट की शरण ली तो कोर्ट ने निगम के अधिकारियों को दोषी मान लिया। लेबर कोर्ट ने दोनों आईएएस अधिकारियों की सैलरी रोकने के निर्देश दिए हैं। जब तक कंडक्टर की ब्याज सहित पूरा ओवरटाइम नहीं दिया जाता तब तक वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। एक आईएएस के खिलाफ तो एफआईआर दर्ज करने के भी आदेश दिए हैं।
जानिए क्या है यह मामला
दरअसल राजस्थान रोडवेज के कंडक्टर सीताराम ने वर्ष 1996 से लेकर 2013 तक 124 साप्ताहिक अवकाश के दिनों में ड्यूटी की थी। अवकाश के बाद भी ड्यूटी करने पर सीताराम ने ओवरटाइम की मांग की जिसे निगम के अधिकारियों ने अनदेखा किया। न्याय पाने के लिए सीताराम ने वर्ष 2018 न्यायालय की शरण ली। कोर्ट ने 6 प्रतिशत ब्याज सहित बकाया भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही श्रम कानूनों की अवहेलने करने पर तत्कालीन सीएमडी संदीप वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। पूरा भुगतान नहीं होने तक आईएएस संदीप वर्मा और पुरुषोत्तम शर्मा के का वेतन रोकने के भी निर्देश दिए।
1 सितंबर तक पालना रिपोर्ट पेश करें पुलिस
रोडवेज बस के कंडक्टर सीताराम की याचिका पर लेबर कोर्ट के जज दिनेश गुप्ता ने रोडवेज के तत्कालीन सीएमडी संदीप वर्मा और एमडी पुरुषोत्तम शर्म के वेतन से ब्याज राशि वसूलने के निर्देश दिए हैं। जज ने कहा कि जब तक सीताराम को ब्याज सहित पूरा भुगतान नहीं किया जाता। तब तक दोनों आईएएस अधिकारियों को वेतन नहीं दिया जाए। आईएएस संदीप वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं और पुलिस से भी कहा है कि 1 सितंबर तक पालना रिपोर्ट पेश कर न्यायालय को बताएं। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की है कि किसी श्रमिक से निर्धारित मजदूरी का भुगतान किए बिना ओवरटाइम काम कराना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 के तहत बेगार और जबरन श्रम के समान है।
अफसरों ने आदेश को किया था अनदेखा
इसी केस में कोर्ट ने 30 जून 2026 को आदेश पारित किया था कि याचिकाकर्ता को 1 लाख 9 हजार 740 रुपए भुगतान किया जाए। इसमें ओवरटाइम, ब्याज और मुकदमे में खर्च हुई राशि को शामिल रखा गया था। रोडवेज की ओर से कंडक्टर सीताराम को केवल 31,076 रुपए का भुगतान किया। आदेश की अवहेलना होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और बकाया 96 हजार 664 रुपए 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज, 25 हजार रुपए मुकदमा खर्च और 3 हजार रुपए क्षतिपूर्ति राशि के पेटे देने के निर्देश दिए। 6 प्रतिशत ब्याज की राशि दोनों आईएएस अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से वसूले जाने के निर्देश दिए।
कौन हैं आईएएस संदीप वर्मा
आईएएस संदीप वर्मा वर्ष 1993 बैच के अधिकारी हैं। वे मूलरूप से लखनऊ यूपी के रहने वाले हैं। वर्तमान में वे कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं। सीनियर आईएएस संदीप वर्मा कई विभागों में अहम पदों पर रहे। अगस्त 2020 से अक्टूबर 2021 तक वे राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक रहे थे।
प्रमोटी आईएएस हैं पुरुषोत्तम शर्मा
सवाई माधोपुर के रहने वाले पुरुषोत्तम शर्मा प्रमोटी आईएएस हैं। वर्ष 1997 में वे राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में चयनित हुए थे। सितंबर 2024 में पदोन्नत होकर आईएएस बने थे। आईएएस बनने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम यानी रोडवेज में एमडी के रूप में हुई थी। सितंबर 2025 से नवंबर 2025 तक वे रोडवेज में एमडी रहे। वर्तमान में वे परिवहन विभाग के आयुक्त होने के साथ राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक हैं।
लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।
राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।
विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।
पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत
पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें
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