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अजमेर सेंट्रल जेल से वीडियो कॉल करने का मामला:जेलर सस्पेंड; 1992 ब्लैकमेलिंग कांड के मास्टरमाइंड समेत 5 पर केस दर्ज, कैदी को भरतपुर भेजा
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1992 के बहुचर्चित ब्लैकमेलिंग कांड के मास्टरमाइंड नफीस चिश्ती की अजमेर सेंट्रल जेल में बंद कैदियों से वीडियो कॉल पर बात करवाने के मामले में सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है। अपने मोबाइल से कॉल करने वाले जेलर सद्दाम हुसैन को सस्पेंड कर दिया है और वीडियो कॉल पर बात करने वाले सभी 5 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
बात करने वाले एक कैदी को सेंट्रल जेल से भरतपुर शिफ्ट कर दिया है। बता दें कि भास्कर ने शनिवार को खुलासा किया था कि जेलर सद्दाम हुसैन ने अपने मोबाइल से नफीस चिश्ती को वीडियो कॉल किया और जेल में बंद तीन सजायाफ्ता कैदियों- तारिक चिश्ती उसके बेटे तौसीफ चिश्ती और भांजे फखर जमाली से बात करवाई।
भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद हडकंप मच गया। कुछ घंटे बाद ही जेलर सद्दाम हुसैन को सस्पेंड कर दिया गया। डीजी जेल अशोक राठौड़ ने निलंबन के आदेश जारी किए। आदेश के अनुसार इस दौरान उनका मुख्यालय श्रीगंगानगर रहेगा। जेलर के खिलाफ विभागीय जांच के भी निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, वीडियो कॉल में दिख रहे जेलर सद्दाम हुसैन, नफीस चिश्ती, तारिक चिश्ती, तौसीफ चिश्ती और फखर जमाली के खिलाफ अजमेर के सिविल लाइंस थाने में मुकदमा भी दर्ज हुआ है। एसएचओ शंभु सिंह शेखावत के मुताबिक जेल प्रशासन से मिले परिवाद के आधार पर देर शाम मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच की जा रही है।
बब्बर खालसा से जुड़े तौसीफ की अजमेर से छुट्टी वीडियो कॉल में बात करने वाले तौसीफ चिश्ती उर्फ चिंकी को अजमेर सेंट्रल जेल से भरतपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया है। तौसीफ को पिता तारिक चिश्ती और ममेरे भाई फखर जमाली के साथ 2014 में हाजी सैयद बिलाल हुसैन चिश्ती पर जानलेवा हमला करने के मामले में 2025 में सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी। हाई कोर्ट ने भी इस फैसले को सही ठहराया। बाद में तारिक और फखर की जमानत हो गई जबकि तौसीफ जेल में ही था। उसका नाम खालिस्तान समर्थक आतंकी नेटवर्क ‘बब्बर खालसा इंटरनेशनल’ से जुड़े मामले में सामने आ चुका है। उस पर आतंकियों को पनाह देने के साथ-साथ हथियार और ड्रग्स उपलब्ध कराने के आरोप लगे थे। चिंकी पंजाब की जेल में भी बंद रह चुका है।
सबूत जुटा रहे हैं जांच की जा रही है। सारे साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच के बाद जो भी कार्रवाई होगी अमल में लाई जाएगी। जिन बंदियों की बात कराई गई थी, उनमें से दो छूट चुके हैं। अभी तौसीफ चिश्ती जेल में था। -आर अंतेश्वर, अधीक्षक सेंट्रल जेल अजमेर
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