अब साल में दो बार होगी राजस्थान बोर्ड 10वीं परीक्षा, 3 विषयों में नंबर सुधारने का मिलेगा दूसरा मौका
अब साल में दो बार होगी राजस्थान बोर्ड 10वीं परीक्षा, 3 विषयों में नंबर सुधारने का मिलेगा दूसरा मौका राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 10वीं की परीक्षा साल में दो बार कराने का फैसला किया है। सप्लीमेंट्री परीक्षा खत…

सौजन्य से:- Hindustan
अब साल में दो बार होगी राजस्थान बोर्ड 10वीं परीक्षा, 3 विषयों में नंबर सुधारने का मिलेगा दूसरा मौका
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 10वीं की परीक्षा साल में दो बार कराने का फैसला किया है। सप्लीमेंट्री परीक्षा खत्म कर मई में दूसरी परीक्षा का अवसर मिलेगा और छात्र 3 विषयों में अंक सुधार सकेंगे।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) से पढ़ाई कर रहे कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आई है। बोर्ड ने परीक्षा प्रणाली में एक बड़ा बदलाव करते हुए निर्णय लिया है कि इस सत्र से 10वीं की बोर्ड परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की जाएगी।
राजस्थान बोर्ड के सचिव द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस नए फैसले का मुख्य उद्देश्य छात्रों के तनाव को कम करना और उन्हें अपने अंकों में सुधार करने के साथ-साथ अपना साल बचाने का बेहतर अवसर प्रदान करना है।
कब होंगी पहली और दूसरी परीक्षाएं?
बोर्ड द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार, परीक्षाओं का शेड्यूल इस प्रकार रहेगा:
पहली (मुख्य) परीक्षा (फरवरी-मार्च): यह पहली मुख्य परीक्षा होगी, जिसमें शामिल होना सभी रजिस्टर्ड 10वीं के रेगुलर और प्राइवेट छात्रों के लिए पूरी तरह अनिवार्य होगा। यह परीक्षा पूरे 100% सिलेबस पर आधारित होगी।
दूसरी परीक्षा (मई-जून): यह परीक्षा उन छात्रों के लिए एक ऑप्शनल और सुधार का मौका होगी, जो पहली परीक्षा के अंकों से संतुष्ट नहीं हैं या किसी कारणवश किसी विषय में फेल हो गए हैं। छात्र अधिकतम 3 विषयों में अपने अंक सुधारने के लिए इस दूसरी परीक्षा में बैठ सकते हैं।
सप्लीमेंट्री परीक्षा समाप्त, अंक सुधार के नए नियम
सत्र 2026-27 से राजस्थान बोर्ड ने सप्लीमेंट्री परीक्षा की व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। अब सप्लीमेंट्री की जगह यह दूसरी परीक्षा ही आयोजित की जाएगी।
मार्क्स सुधारने का मौका: मुख्य परीक्षा में पास होने वाले छात्र अपने कुल विषयों हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, व्यावसायिक शिक्षा और संस्कृत/तीसरी भाषा में से अधिकतम 3 विषयों में अंक सुधार के लिए दूसरी परीक्षा दे सकते हैं। दोनों परीक्षाओं में से जिस परीक्षा में ज्यादा अंक आएंगे, वही फाइनल मार्कशीट में जोड़े जाएंगे। हालांकि छात्रों को विषय बदलने की अनुमति नहीं होगी।
फेल होने की स्थिति में नियम: यदि कोई छात्र मुख्य परीक्षा में अंग्रेजी के साथ किसी एक अन्य विषय, कुल 2 विषयों में फेल हो जाता है यानी 33% से कम अंक लाता है, तो उसे सीधे फेल नहीं माना जाएगा। उसे अंक सुधार के तहत मई में दूसरी परीक्षा देने का मौका मिलेगा।
3 या अधिक विषयों में फेल होने पर: यदि छात्र 3 या उससे अधिक विषयों में फेल या अनुपस्थित रहता है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी और उसे अगले साल सभी विषयों की परीक्षा दोबारा देनी होगी।
कैसे काम करेगा बेस्ट ऑफ टू का नियम?
अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में शामिल होने के बाद अपने अंक बढ़ाना चाहता है और दूसरी परीक्षा देता है, तो बोर्ड दोनों प्रयासों में से जिस परीक्षा में अधिक अंक होंगे, उसी को उसके फाइनल मार्कशीट में शामिल करेगा। वहीं, जो छात्र मुख्य परीक्षा में फेल हो जाते हैं, वे दूसरी परीक्षा में बैठकर उसी सत्र में पास होकर अपनी कक्षा बचा सकते हैं। हालांकि, जो छात्र दूसरे प्रयास में भी पास नहीं हो पाएंगे, उन्हें अगले शैक्षणिक वर्ष में ही दोबारा परीक्षा देनी होगी।
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