राजस्थान की सहकारिता मॉडल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति
राजस्थान सहकारिता मॉडल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सफल रहा है, जिसमें अन्न भंडारण, डेयरी क्षेत्र, सहकारी समितियां शामिल हैं।

सौजन्य से:- ABP News
अन्न भंडारण में राजस्थान बना देश का नंबर-1, सहकारिता मॉडल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई रफ्तार
Rajsthan News In Hindi: अन्न भंडारण योजना में राजस्थान देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है. सहकारिता, ई-पैक्स और डेयरी क्षेत्र में भी राज्य ने कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ने सहकारिता और कृषि अवसंरचना के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है. अन्न भंडारण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के दम पर राजस्थान देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है.
राज्य सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार की सहकारी योजनाओं को तेजी से लागू करने और आधुनिक भंडारण व्यवस्था विकसित करने में राजस्थान लगातार अग्रणी भूमिका निभा रहा है. इससे किसानों को फसल के सुरक्षित भंडारण के साथ बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की संभावनाएं भी बढ़ी हैं.
200 गोदाम स्वीकृत, 120 तैयार; अगले तीन वर्षों में 1.25 लाख मीट्रिक टन बढ़ेगी भंडारण क्षमता
सरकार के मुताबिक, साल 2024-25 और 2025-26 के दौरान प्रदेश में अन्न भंडारण योजना के तहत 200 गोदाम स्वीकृत किए गए हैं. इनमें से 120 गोदाम बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि बाकी पर निर्माण कार्य जारी है. साल 2026-27 में 50 नए गोदामों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है. इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राजस्थान की भंडारण क्षमता में करीब 1.25 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि होगी.
दिल्ली में मिली उपलब्धि की पहचान, अमित शाह की मौजूदगी में कई परियोजनाओं का शुभारंभ
हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान की उपलब्धियों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया. इस दौरान 10 नए गोदामों का शिलान्यास, 50 गोदामों का लोकार्पण और 100 गोदाम राज्य भंडारण निगम को सौंपे गए.
सहकारी समितियों से लेकर डेयरी कारोबार तक, कई क्षेत्रों में बनाया नया रिकॉर्ड
राजस्थान ने केवल अन्न भंडारण ही नहीं, बल्कि सहकारिता से जुड़ी अन्य योजनाओं में भी अच्छा प्रदर्शन किया है. प्रदेश में 42 हजार से अधिक सहकारी समितियां सक्रिय हैं, जिनसे 1.35 करोड़ से ज्यादा सदस्य जुड़े हुए हैं. ई-पैक्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन दर्ज किए जा चुके हैं, जो देश में सबसे अधिक बताए जा रहे हैं. वहीं एम-पैक्स के गठन में भी राजस्थान पहले स्थान पर है.
डेयरी क्षेत्र में भी सहकारिता मॉडल का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है. राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) और जिला दुग्ध संघों का कारोबार 10 हजार करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है. इसके अलावा किसान सम्मान निधि, गोपाल क्रेडिट कार्ड, श्री अन्न आउटलेट और भारत टैक्सी जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास लगातार जारी हैं. सरकार का दावा है कि इन पहलों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आय और कृषि अवसंरचना को नई मजबूती मिल रही है.
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